Wardha Police Operation Washout: वर्धा जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए वर्धा पुलिस ने 5 से 6 अगस्त के बीच विशेष 'वॉशआउट' अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस ने जिलेभर में एक साथ कार्रवाई करते हुए अवैध देशी-विदेशी शराब बिक्री के 33 मामले तथा हाथभट्टी शराब बिक्री के 129 मामले दर्ज किए।
कुल 162 मामलों में 169 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने इस दौरान शराब और उससे संबंधित अन्य मुद्देमाल समेत करीब 1 करोड़ 40 लाख 66 हजार 190 रुपये का माल जब्त किया। अचानक हुई इस व्यापक कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार वर्धा जिले में अवैध शराब बनाने और बड़े पैमाने पर उसका भंडारण किए जाने की गोपनीय जानकारी मिल रही थी। इसके बाद पुलिस ने पिछले पांच-छह दिनों से शहर से सटे इलाकों, गांवों के बाहर, जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित अवैध शराब भट्टियों तथा बिक्री केंद्रों पर निगरानी शुरू कर दी थी।
बाहरी जिलों से चोरी-छिपे लाई जाने वाली देशी और विदेशी शराब के संभावित ठिकानों पर भी नजर रखी गई। 5 अगस्त की सुबह 6 बजे पुलिस टीमों ने जिले के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। अभियान में उपविभागीय पुलिस अधिकारियों के साथ 47 पुलिस अधिकारी और विभिन्न शाखाओं के कुल 315 पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस की अचानक और व्यापक कार्रवाई से अवैध शराब बनाने, उसका भंडारण करने तथा बिक्री करने वालों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल के नेतृत्व और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा समेत विभिन्न पुलिस टीमों ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी स्थिति में बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आने वाले दिनों में भी अचानक छापेमारी और सख्त कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए गए हैं।