Yavatmal Illegal Moneylending: यवतमाल में अवैध साहूकारी (सूदखोरी) के खिलाफ सहकार विभाग ने पुसद तहसील के नांदपुर (मोहा) गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। इस दौरान कथित अवैध साहूकारी से जुड़े 20 महत्वपूर्ण दस्तावेज, कोरे चेक, डायरी तथा अन्य कागजात जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की जांच के बाद संबंधित कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, कैलास दुर्गासिंह पवार, निवासी नांदपुर (मोहा) के खिलाफ अवैध साहूकारी की शिकायत प्राप्त हुई थी।
गांव के प्रल्हाद जाधव और संतोष गोपीचंद जाधव ने सहायक निबंधक, सहकारी संस्था, पुसद कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर 22 जून को सहकार विभाग की विशेष टीम ने कैलास पवार के निवास पर छापा मारा। सहकार विभाग ने बताया कि जब्त दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी और महाराष्ट्र साहूकारी (विनियमन) अधिनियम, 2014 की संबंधित धाराओं के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
यह कार्रवाई सहायक निबंधक के। एस। मरके के मार्गदर्शन में की गई। अवैध साहूकारी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत चार अलग-अलग टीमों ने विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। नांदपुर (मोहा) में की गई कार्रवाई लगभग 16 घंटे तक चली, जिसमें कुल 9 सदस्यीय दल शामिल था।
कार्रवाई में सहकार विभाग, राजस्व विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। टीम में सहकार अधिकारी, सहायक सहकार अधिकारी, ग्राम राजस्व अधिकारी, पुलिस उपनिरीक्षक तथा पंच के रूप में राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल थे। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई।
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सहकार विभाग के अनुसार यह अभियान जिलाधिकारी यवतमाल, जिला पुलिस अधीक्षक, जिला उपनिबंधक सहकारी संस्था, तहसीलदार पुसद तथा तहसील स्तरीय प्रशासनिक समन्वय समिति के मार्गदर्शन में हुआ। महाराष्ट्र साहूकारी (विनियमन) अधिनियम, 2014 की धारा 16 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए की गई इस छापेमारी में अवैध वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज, कोरे धनादेश (ब्लैंक चेक), डायरी और अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए हैं।