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पुसद जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में प्रस्तावित वकील भवन का भूमिपूजन और शिलान्यास पट्टिका का अनावरण पूर्व CJI न्यायमूर्ति भूषण गवई ने किया।
न्यायमूर्ति भूषण गवई ने घोषणा की कि प्रस्तावित वकील भवन का नाम महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वसंतराव नाईक के नाम पर रखा जाएगा।
भवन निर्माण के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने हेतु प्रस्ताव तैयार करने का आश्वासन दिया गया।
Pusad Court Complex: पुसद स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में प्रस्तावित वकील भवन का भूमिपूजन एवं शिलान्यास पट्टिका का अनावरण भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण गवई के हाथों शनिवार, 31 अक्टूबर को किया गया। इस अवसर पर मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ति अनिल किलोर, न्यायमूर्ति वृषाली जोशी, न्यायमूर्ति प्रवीण पाटील, न्यायमूर्ति राज वाकोडे, पालकमंत्री संजय राठोड, राज्यमंत्री इंद्रनील नाईक, प्रधान जिला न्यायाधीश आनंद यावलकर, जिला न्यायाधीश एस.जे. रामगडिया, नगराध्यक्ष मोहिनी नाईक, महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल के अध्यक्ष जयंत जायभाये, उपाध्यक्ष रंजना भोसले, सदस्य एड. आशीष देशमुख तथा वकील संघ के अध्यक्ष एड. भारत जाधव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस दौरान पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण गवई ने अपने संबोधन में पोहरादेवी यात्रा के दौरान मिले अनुभव साझा किए। उन्होंने संत सेवालाल महाराज के विचारों का स्मरण करते हुए पुसद के नाईक परिवार के साथ अपने आत्मीय संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रस्तावित वकील भवन को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वसंतराव नाईक का नाम दिया जाएगा।
साथ ही भवन के निर्माण के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने हेतु प्रस्ताव तैयार किए जाने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों का स्मृतिचिह्न देकर स्वागत किया गया। प्रस्तावना में एड. आशीष देशमुख ने प्रस्तावित वकील भवन की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। वहीं वकील संघ के अध्यक्ष एड. भारत जाधव ने स्वागत भाषण में पुसद में परिवार न्यायालय, श्रम न्यायालय और औद्योगिक न्यायालय शुरू करने की मांग रखी। इस अवसर पर पुसद न्यायालय के अधिवक्ता, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
सार्वजनिक निर्माण कार्य राज्यमंत्री इंद्रनील नाईक ने कहा कि न्याय व्यवस्था का सम्मान बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। प्रस्तावित वकील भवन के निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि भवन को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वसंतराव नाईक का नाम देने संबंधी प्रस्ताव पारित हुआ है और उसी के अनुसार नामकरण किया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति अनिल किलोर ने अपने संबोधन में कहा कि पुसद में परिवार न्यायालय, श्रम न्यायालय और औद्योगिक न्यायालय शुरू करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित वकील भवन की इमारत बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट उदाहरण साबित होगी।
पालकमंत्री संजय राठोड ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि प्रस्तावित वकील भवन न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाला केंद्र साबित होगा। देश के चारों स्तंभों का एक ही छत के नीचे उपस्थित होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वकील भवन के निर्माण के लिए निधि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।