OBC Mandal Yatra Washim: ओबीसी समाज की जाति निहाय जनगणना की मांग को लेकर विदर्भ के 11 जिलों से गुज़री ओबीसी मंडल यात्रा का मंगलवार को शहर में स्थानीय पुसद नाका पर आतिशबाजी, नारों और जयकारों के साथ स्वागत किया गया। बाद में शहर से एक बड़ी रैली निकाली गई,व स्वागत लॉन में जाहीर सभा का आयोजन किया गया था।
सकल ओबीसी महामोर्चा के मुख्य संयोजक उमेश कोर्राम के नेतृत्व में यह मंडल यात्रा 3 अगस्त को भंडारा से शुरू हुई थी, नागपुर, वर्धा और यवतमाल होते हुए वाशिम में दाखिल हुई ,इस समय, एक ही पर्व ओबीसी सर्व , ओबीसीं की जातनिहाय जनगणना होना ही चाहिए, ऐसे घोषणा की गई। यह यात्रा जुलुस ने डॉ. बाबासाहब आंबेडकर चौक, छत्रपति शिवाजी महाराज चौक के साथसाथ क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिराव फुले और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले स्मारको का अभिवादन किया।
शहर में भ्रमण करके यात्रा स्वागत लॉन में पंहुची ,यहा पर जाहिर सभा हुई। सभा के लिए मंचपर मुख्य संयोजक उमेश कोर्राम समेत विलास काले, डॉ. रवी जाधव, रामप्रभू सोनोने, प्रा. डॉ. अनिल राठोड और डॉ. रामकृष्ण कालापाड प्रमुखता मे उपस्थित थे।
जातिनिहाय जनगणना पर जोरविलास काले ने प्रास्ताविकता में मंडल यात्रा की भूमिका, उद्देश और जागरुकता मुहिम की आवश्यकता के बारे मे बताया।,उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अलग जनगणना कॉलम न होने की वजह से ओबीसी समाज को भारी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक नुकसान हो रहा है, अगर आने वाली जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया, तो पूरे महाराष्ट्र में एक बड़ा और तेज़ आंदोलन शुरू करने के संकेत भी दिए।
सभा में मौजूद दूसरे लोगों ने भी ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों के लिए एक संगठित लड़ाई लड़ने का आवाहन किया। कार्यक्रम का संचालन गजानन धामणे ने किया, जबकि आभार विट्ठल ढगे ने माने।
इस अवसर पर इंजी. सीताराम वाशिमकर, प्रल्हाद पॉलकर, शंकर वानखेड़े, समाधान गिर्हे, मिलिंद सुर्वे, ज्ञानेश्वर वाशिमकर, सुनील जाधव, नागेश काले, माधव शेवाले, धम्मदास वाकुडे, वैभव उलेमाले, हनुमान सारसकर, गोकुल आडे, रतन कुमार राठौड़, विष्णु राठौड़, बलिराम राठौड़, कैलास राठौड़, अजय सोनुनकर, संदीप चिखलकर और बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग उपस्थित थे। इस बीच, बुधवार सुबह यह मंडल यात्रा मालेगांव और केनवड होते हुए मेहकर के लिए रवाना हुई़।