Washim Weather Update: जुलाई माह की शुरुआत में राहतपूर्ण वर्षा होने के बाद दूसरे सप्ताह से बारिश थम गई थी। इसके बाद सीधे 19 जुलाई को ही वर्षा का आगमन हुआ। सोमवार से बुधवार तक जिले के अनेक भागों में वर्षा हुई, जिससे मुरझाई हुई खरीफ फसलों को कुछ जीवनदान मिला। लेकिन इन फसलों को अभी और जोरदार वर्षा की आवश्यकता है। 22 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार जुलाई माह में जिले में कुल 243.6 मिमी वर्षा अपेक्षित थी, जबकि वास्तविकता में केवल 110.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
इस प्रकार जुलाई में 133.3 मिमी की कमी रही और अपेक्षित वर्षा की तुलना में केवल 45.3 प्रतिशत वर्षा हुई है। जून माह में औसत से कम वर्षा के बाद जुलाई में अच्छी वर्षा की अपेक्षा थी। लेकिन एल निनो के प्रभाव से अधिकांश अवधि में वर्षा नहीं हुई, जिससे पानी की कमी गंभीर हो गई है। किसानों और प्रशासन की नजर अब आगामी दिनों में संभावित जोरदार वर्षा पर टिकी हुई है।
पिछले सोमवार से बुधवार तक तीन दिनों में जिले में कहीं रिमझिम तो कहीं अच्छी वर्षा हुई। गुरुवार को शाम 4 बजे तक बदली छाई रही। हुई वर्षा केवल हल्की होने से नदियां-नाले नहीं भरे और जलाशयों में अपेक्षित जलसंग्रहण नहीं हो सका।
जिले के तीन मध्यम जलप्रकल्पों में से केवल अडान जलप्रकल्प में 47.35 जलसंग्रहण हुआ है, जबकि सोनल और एकबुर्जी जलप्रकल्पों में अपेक्षित जलस्तर नहीं बढ़ा। अनेक लघु जलप्रकल्प अभी भी सूखे हैं।
19 जुलाई से 22 जुलाई की सुबह तक 24 घंटों में जिले में औसतन 31.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो जुलाई माह की अब तक की सर्वाधिक वर्षा रही। जुलाई माह समाप्त होने में अभी 8 दिन शेष हैं। इस अवधि में यदि जोरदार वर्षा होती है तो कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।