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वर्धा जिले में एक ही दिन तीन किसानों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।
अत्यल्प बारिश और फसल नुकसान के कारण जिले में कृषि संकट गहराया है।
वैभव मारोती सेलकर (32) का शव करंजी (काजी) के पास उनके खेत में मिला।
Wardha Drought: इस वर्ष जिले में भीषण संकट मंडरा रहा है। अत्यल्प बारिश के कारण फसलों का काफी नुकसान हुआ है। सरकार ने सूखा घोषित किया है। इसमें वर्धा जिले के सभी तहसीलों का समावेश है। स्थिति अत्यंत भयावह बनते जा रही है। भविष्य में जलसंकट के आसार व्यक्त किये जा रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन उपाययोजना में जुटा हुआ है।
वहीं दूसरी ओर जिले में किसान आत्महत्याओं को रोकने की चुनौती सरकार व प्रशासन के सामने खड़ी हो गई है। जिले में एक ही दिन तीन युवा किसानों ने अपनी जीवनलीला खत्म कर ली है। फसल न होना, बैंक का कर्ज चुकाने की चिंता व आर्थिक तंगहाली से किसान यह कदम उठा रहे है। उनके परिवारों पर दुःखो का पहाड़ टूट रहा है। बढ़ती आत्महत्या चिंता का विषय बनी हुई है।
सेवाग्राम थाना क्षेत्र के मदनी मार्ग पर युवा किसान ने अपने ही खेत में फांसी लगा ली। मृतक का नाम वैभव मारोती सेलकर (32) निवासी करंजी (काजी) बताया गया जानकारी के अनुसार मृतक वैभव यह दस महीनों से जिलाधिकारी कार्यालय में ठेका पध्दति पर कार्यरत था। करंजी से मदनी मार्ग पर उसकी पुश्तैनी खेती है। पिता के नाम पर पंजाब नेशलन बैंक तरोडा ब्रांच का कर्ज है।
इसे चुकाने की चिंता उसे सता रही थी। 14 अक्टूबर को खेत में जाने की बात कहकर वैभव निकल गया परंतु वापिस घर नहीं लौटा, फोन भी नहीं उठा रहा था परिवार के सदस्य खेत में पहुंचे तो, उन्हें वैभव एक पेड़ से लटकी हालत में दिखाई दिया। कर्ज की चिंता में उसने यह कदम उठाने की जानकारी है। इस प्रकरण में सेवाग्राम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी घटना कारंजा-घाडगे तहसील के काजली में सामने आयी। जहां हेमराज श्यामराव डिग्रसे (40) युवा किसान ने सुसाइड किया। जानकारी के अनुसार हेमराज डिग्रसे ने खेती पर कर्ज उठाया था। कर्ज चुकाने की चिंता उसे सता रही थी। इस वर्ष फसल भी न होने के कारण वह परेशान था। ऐसे में उसने खेत में ही पलाश के पेड़ पर लटक कर आत्महत्या कर ली। इस प्रकरण में कारंजा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना से गांव में शोक की लहर फैली हुई है।
आर्थिक विवंचना, फसल न होने तथा कर्ज चुकाने की चिंता में किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उक्त मामला तहसील के बोधनापुर परिसर में गुरुवार, 15 अक्टूबर को सामने आया मृतक का नाम प्रफुल रामदास नान्हे (45) निवासी खडका बताया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक प्रफुल नान्हे यह बुधवार को बाहर जाने की बात कहकर घर से निकले। परंतु वापिस घर नहीं लौटे।
इसी बीच गुरुवार सुबह 10 बजे दौरान बोधनापुर के नदी तट पर एक पेड़ से उनका शव लटकी हालत में पाया गया, यह बात खेत में जाने वाले व्यक्ति को ध्यान में आते ही खलबली मच गई सूचना मिलते ही तलेगांव पुलिस मौके पर पहुंची। मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। परंतु पिछले कुछ दिनों से प्रफुल नान्हें आर्थिक विता में थे। पतलेगांव पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।