

Wardha Farmer Suicide Crop Loss: वर्धा जिले के आष्टी-शहीद तहसील के अंतोरा गांव में 45 वर्षीय किसान प्रकाश उर्फ पिंटू माणिक भोरे की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, इस वर्ष अच्छी फसल की उम्मीद में उन्होंने कर्ज लिया था, लेकिन फसल नहीं होने से वे कर्ज चुकाने को लेकर चिंतित थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
4 अक्टूबर की सुबह प्रकाश रोज की तरह खेत पर गए थे। दोपहर करीब 12 बजे तक जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें तलाशने के लिए खेत की ओर गए।
खेत में पहुंचने पर परिजनों को प्रकाश मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के मुखिया की मौत से भोरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलने के बाद आष्टी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है और घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिक जानकारी में कर्ज और फसल को लेकर चिंता का उल्लेख सामने आया है। हालांकि, घटना के पीछे की परिस्थितियों और अन्य संभावित कारणों की पुलिस जांच कर रही है।
किसान परिवार की आजीविका खेती पर निर्भर होने और कृषि आय में अनिश्चितता के बीच कर्ज का दबाव कई परिवारों के लिए गंभीर चुनौती बनता है। ऐसे मामलों में आर्थिक सहायता, समय पर फसल नुकसान का आकलन और किसानों तक उपलब्ध सरकारी योजनाओं की मदद पहुंचाना महत्वपूर्ण माना जाता है।
आष्टी-शहीद तहसील के अंतोरा गांव में 4 अक्टूबर को किसान की मौत की घटना सामने आने से गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान प्रकाश उर्फ पिंटू माणिक भोरे (45) के रूप में हुई है। प्रकाश खेती के साथ मेडिकल दुकान भी चलाते थे और इसी से परिवार का भरण-पोषण होता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष अच्छी फसल होने की उम्मीद में प्रकाश ने निजी तौर पर बैंक से कर्ज लिया था। हालांकि, फसल अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने के कारण कर्ज चुकाने को लेकर वे चिंतित थे। इसी बीच यह घटना सामने आई।