Wardha Dam Storage Level News: वर्धा में अप्रैल माह में ही जिले की तपन ने 30 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब तक का सर्वाधिक तापमान 46.6 डिग्री दर्ज किया गया है। बढ़ती तपन के चलते जलाशयों के जलस्तर में कमी आयी है। इसमें वर्धा शहर व आसपास के 14 गांवों के लिए जीवनदायी कहे जाने वाले धाम प्रकल्प के जलस्तर भी तेजी से घट रहा है। 29 अप्रैल को धाम प्रकल्प में 46।73 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने मई माह में जिले के तापमान में अधिक वृध्दि होने के संकेत दिये हैं।
अगर यही स्थिति बनी रही तो धाम प्रकल्प के जलस्तर में मई के अंतिम दिनों में भारी कमी आकर वर्धा सहित आसपास के गांवों में जलसंकट पैदा होने के आसार है। अगर ऐसा हुआ तो फिर एक बार नागरिकों को सन 2019 में पैदा हुई भीषण जलसंकट स्थिति जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
उस समय धाम के डेथ वॉटर से भी पानी का दोहन हुआ था। जानकारों के अनुसार उस समय 25 वर्ष बाद पहली बार धाम पूर्णतः सूख गया था। इस संकट को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका व मजीप्रा प्रशासन ने समय रहते उचित नियोजन करना जरूरी है।
वर्धा नगर पालिका के जलापूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शहर में कुल 14 हजार 681 नल ग्राहक है, प्रति दिन प्रति व्यक्ति 135 लीटर जल की आवश्यकता होती है। सालभर में शहरवासियों को 60 दशलक्ष घन मीटर पानी की आवश्यकता बताई गई वहीं महाराष्ट्र जीवन प्राधिकर की देखरेख में चल रही प्रादेशिक जलापूर्ति योजना में 14 गांवों के लगभग 20 हजार नल ग्राहकों का समावेश है।
यह भी पढ़ें:- वर्धा: उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच ने 93% मामलों का किया निपटारा, 90 प्रतिशत फैसले उपभोक्ताओं के पक्ष में रहे
वर्धा शहर व आसपास के 14 गांवों को महाकाली स्थित धाम प्रकल्प से वर्धा शहर में जलापूर्ति होती है। धाम के जलस्तर में तेजि से कमी देखने मिल रही है। ऐसा ही चलता रहा तो, मई के अंतिम दिनों में अथवा जून माह में शहर के अनेक क्षेत्रों में भारी जलसंकट स्थिति पैदा हो सकती है। वर्तमान में वर्धा व संबंधित गांवों में दो दिन आड़ पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जिसके कारण नागरिकों का परेशानी झेलनी पड़ है। भविष्य के संकट को ध्यान में रखते हुए मई माह में इसमें कटौती की आशंका है।