पंकज भोयर के निर्देश (सोर्सः सोशल मीडिया)
वर्धा

Wardha News: दिव्यांग कल्याण निधि का प्रभावी उपयोग करें, समीक्षा बैठक में बोले पंकज भोयर

Pankaj Bhoyars Instruction: वर्धा में आयोजित समीक्षा बैठक में पालकमंत्री पंकज भोयर ने स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को दिव्यांग कल्याण के लिए आरक्षित 5 प्रतिशत निधि का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए।

आंचल लोखंडे

Wardha Disability Welfare: दिव्यांगों को सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं एवं उपक्रम चलाए जा रहे हैं। स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के कुल निधि का 5 प्रतिशत हिस्सा दिव्यांगों के कल्याण पर खर्च करना अनिवार्य है। इसलिए जिले की सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाएं अपने क्षेत्र के दिव्यांगों के कल्याण के लिए इस निधि का प्रभावी ढंग से उपयोग करें, ऐसे निर्देश पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने दिए। जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में दिव्यांगों के लिए आरक्षित 5 प्रतिशत निधि की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस दौरान पालकमंत्री ने कहा कि दिव्यांग निधि से ऐसी योजनाएं संचालित की जाएं, जिनसे दिव्यांगों को रोजगार के साधन उपलब्ध हो सकें और वे आत्मनिर्भर बन सकें। बैठक में अस्थि दिव्यांगों द्वारा बड़ी संख्या में स्कूटी की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई।

5% दिव्यांग निधि से रोजगार

इस पर पालकमंत्री ने पंजीकृत एवं अत्यंत जरूरतमंद पात्र दिव्यांग लाभार्थियों को स्कूटी उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर नियोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने अशासकीय सदस्यों से दिव्यांगों की समस्याओं तथा उनके लिए किए जा सकने वाले अभिनव कार्यों की जानकारी भी ली। जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी प्रतिभा भागवतकर ने बताया कि जिला परिषद के 5 प्रतिशत निधि से कक्षा 1 से 10वीं तक की 134 दिव्यांग छात्राओं को प्रति छात्रा 25 हजार रुपये के किसान विकास पत्र दिए गए। इस पर कुल 33 लाख 50 हजार रुपये खर्च किए गए।

स्कूटी और कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा

वहीं, अस्थि दिव्यांग वर्ग के 12 लाभार्थियों को 10 लाख 55 हजार रुपये खर्च कर पेट्रोल चालित स्कूटी उपलब्ध कराई गई। पंचायत समितियों ने अपने 5 प्रतिशत निधि से 11 लाख 63 हजार रुपये दिव्यांगों के कल्याण पर खर्च किए। इसके तहत दिव्यांग लाभार्थियों को आटा चक्की तथा दिव्यांग विद्यार्थियों को निर्वाह भत्ता प्रदान किया गया। ग्राम पंचायतों ने अपने आरक्षित निधि से 1 करोड़ 84 लाख रुपये खर्च कर विभिन्न कल्याणकारी उपक्रम संचालित किए। नगर परिषदों द्वारा भी विभिन्न डीबीटी योजनाएं लागू की गई हैं। बैठक में विधायक सुमित वानखेडे, जिलाधिकारी वान्मथी सी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण, जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी प्रतिभा भागवतकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अशासकीय सदस्य उपस्थित थे।

आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने मांग

बैठक में जिला परिषद की ओर से दिव्यांगों को अनाज साफ करने की मशीन उपलब्ध कराने, दिव्यांग स्वयं सहायता समूहों के लिए विभिन्न उपक्रम चलाने तथा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने की योजना की जानकारी दी गई। इस अवसर पर दिव्यांग कल्याण के लिए जिला नियोजन में आरक्षित एक प्रतिशत निधि के संबंध में मार्गदर्शक निर्देश, दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड को आधार से लिंक करने, दिव्यांगों की शिकायतों का समय पर निवारण करने तथा सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे भी अशासकीय सदस्यों ने उठाए।

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