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वर्धा जिले में मानसून के दौरान कम बारिश और बारिश के लंबे अंतराल से खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
जिले में लगभग 2.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे 2,13,739 किसान नुकसान की चपेट में आए हैं।
प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार से 206 करोड़ 34 लाख 49 हजार 595 रुपये की सहायता मांगी गई है।
Wardha Farmers Relief: इस वर्ष मानसून के दौरान कम बारिश और बारिश में लंबे अंतराल के कारण जिले में खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सरकार ने शुरुआत में सूखे की ट्रिगर-1 सूची में जिले की 7 तहसीलों को शामिल कर नुकसान के संयुक्त पंचनामे करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुसार कारंजा तहसील को छोड़कर शेष सात तहसीलों में पंचनामे पूरे हो चुके हैं और नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई लाख 41 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की लाख हेक्टेयर की फसलें कम बारिश और बारिश फसलों को झटका के अंतराल से प्रभावित हुई हैं।
इस नुकसान से 2 लाख 13 हजार 739 किसान प्रभावित हुए हैं। उन्हें राहत देने के लिए प्रसरकार ने सरकार से 206 करोड़ 34 लाख 49 हजार 595 रुपए की सहायता की मांग की है। वर्धा तहसील के 32 हजार 655 बेहाल किसानों के 2.41 है। सात तहसीलों में लगभग 2 लिए 31 करोड़ 60 लाख 32 हजार 560 रुपए की मांग सरकार को भेजी गई है। सेलू तहसील के 27 हजार 492 किसानों के लिए 24 करोड़ 80 लाख 44 हजार 435 रुपए की मांग जिला प्रसरकार ने सरकार के समक्ष दर्ज कराई है।
देवली तहसील के 30 हजार 619 हताश किसानों के लिए 27 करोड़ 62 लाख 18 हजार 35 रुपए की मांग सरकार को भेजी गई है। आर्वी तहसील के 26 हजार 371 नुकसानग्रस्त किसानों को राहत देने के लिए 27 करोड़ 68 लाख 8 हजार 365 रुपए की मांग दर्ज की गई है।
आष्टी तहसील के 17 हजार 846 किसानों के लिए 11 करोड़ 98 लाख 70 हजार 995 रुपए की मांग दर्ज की गई है। हिंगनघाट तहसील में 40 हजार 388 किसानों के लिए 42 करोड़ 4 लाख 32 हजार 160 रुपए की मांग दर्ज की गई है। समुद्रपुर तहसील के 38 हजार 8 किसानों के लिए 40 करोड़ 60 लाख 43 हजार 45 रुपए की मांग दर्ज की गई है।
हिंगनघाट में प्रभावित किसानों की संख्या सबसे अधिक है। इसके बाद समुद्रपुर और वर्धा तहसीलों का नंबर आता है। पंचनामे पूरे होने के बाद सहायता का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है और अब सभी की नजर इस पर है कि किसानों को मदद कब मंजूर होती है।