Vijay Jawandhia (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया) 
वर्धा

सोयाबीन डीओसी आयात का विरोध, विजय जावंधिया ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र

Soybean MSP: किसान नेता विजय जावंधिया ने प्रधानमंत्री,  शिवराज सिंह चौहान और मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर वर्ष 2026-27 में 15 लाख टन सोयाबीन डीओसी आयात के प्रस्ताव पर चिंता जताई है।

महाराष्ट्र डेस्क

Wardha Farmers: किसान नेता विजय जावंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भेजकर वर्ष 202627 में 15 लाख टन सोयाबीन तेल डीओसी आयात करने के प्रस्ताव पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि डीओसी आयात किया गया तो आगामी खरीफ सीजन में किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। जावंधिया ने पत्र में कहा कि, केंद्र सरकार लगातार सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू होने का दावा करती है।

लेकिन वर्ष 202526 में कपास, सोयाबीन, तुअर, चना, गेहूं, ज्वार तथा मक्का जैसी अधिकांश फसलों के उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर उपज बेचनी पड़ी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण कुछ समय के लिए कृषि उपजके दाम बढ़े थे। जिससे कपास, तुअर और सोयाबीन के भाव में तेजी आई थी। उन्होंने बताया कि पहले देश में सोयाबीन डीओसी के भाव 35 हजार से 40 हजार रुपये प्रति टन थे।

MSP से कम भाव मिलने का खतरा

जबकि अब यह बढ़कर 60 हजार से 65 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गए हैं। इसी कारण सरकार 15 लाख टन सोयाबीन डीओसी आयात करने पर विचार कर रही है। जावंधिया ने कहां की, यदि आयातित डीओसी कम कीमत पर बाजार में उपलब्ध कराया गया तो घरेलू बाजार में सोयाबीन के दाम दबाव में आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 202627 के लिए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 708 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। लेकिन आयात नीति के कारण किसानों को इससे कम भाव मिल सकता है।

किसान नेता जावंधिया ने जताई चिंता

किसान हितों की रक्षा आवश्यक जावंधिया ने यह भी दावा किया कि एक क्विंटल सोयाबीन से लगभग 80 किलोग्राम डीओसी और 17 किलोग्राम तेल प्राप्त होता है। जिसके आधार पर प्रसंस्करण उद्योग को पर्याप्त लाभ मिलता है। ऐसे में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। पत्र के माध्यम से विजय जावंधिया ने केंद्र सरकार से सोयाबीन तेल व डीओसी आयात के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

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