Wardha SIR Campaign: विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। शहर के अधिकांश बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने 70 से 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है, जबकि शेष मतदाताओं तक पहूंचने के लिए वे दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें कई तरह की मुश्किलों के साथ-साथ कुछ ऐसे रोचक अनुभव भी हो रहे हैं, जो चर्चा का विषय बन रहे हैं।
मंगलवार को सेलू शहर में ऐसा ही एक दिलचस्प मामला सामने आया। चार मतदाताओं वाले एक परिवार का कोई ठिकाना नहीं मिल रहा था। काफी प्रयासों के बाद बीएलओ को परिवार के एक सदस्य का मोबाइल नंबर मिला। उम्मीद थी कि फोन पर आवश्यक जानकारी मिल जाएगी, लेकिन बातचीत ने अचानक अलग ही मोड़ ले लिया।
मतदाता की जानकारी का सत्यापन करने के लिए बीएलओ ने उसकी पत्नी के पिता का नाम पूछा। सवाल सुनते ही सामने से हैरान कर देने वाला जवाब मिला, ‘मेरा उससे कोई संबंध नहीं है... मुझे कुछ नहीं पता, उसी से जाकर पूछिए।’ इतना कहकर संबंधित व्यक्ति ने फोन काट दिया। अचानक फोन कट जाने से बीएलओ कुछ पल के लिए असमंजस में पड़ गया।
सरकारी रिकॉर्ड पूरा करना था, लेकिन जानकारी किससे ली जाए और आगे की कार्रवाई कैसे की जाए, यह सवाल उसके सामने खड़ा हो गया। अंततः उसे संबंधित मतदाताओं की तलाश के लिए फिर से नए सिरे से प्रयास शुरू करने पड़े। SIR अभियान के दौरान बीएलओ को ऐसे कई दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण अनुभवों का सामना करना पड़ रहा है।
कहीं मतदाता का पता बदल चुका है, कहीं मोबाइल नंबर बंद है, तो कहीं लोग जानकारी देने से बच रहे हैं या अधूरी जानकारी दे रहे हैं। इन सबके बावजूद बीएलओ प्रत्येक मतदाता का सत्यापन समय पर और सही तरीके से पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और धैर्य के साथ अपना दायित्व निभा रहे हैं।