वर्धा, शालाबाह्य बच्चे, स्कूल प्रवेश अभियान,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : एआई फोटो)  
वर्धा

शिक्षा विभाग अलर्ट: स्कूल से बाहर बच्चों की तलाश शुरू, वर्धा में 15 से 31 जुलाई तक चलेगा विशेष सर्वे

Wardha Out-of-School Children: वर्धा जिले में 15 से 31 जुलाई तक शालाबाह्य, अनियमित और स्थानांतरित बच्चों की पहचान के लिए विशेष सर्वे होगा। अभियान का उद्देश्य हर बच्चे को स्कूल में दाखिला दिलाना।

अंकिता पटेल

Wardha School Enrollment Survey: वर्धा शालाबाह्य अनियमीत व स्थनांतरित बालकों को शिक्षा की प्रमुख धारा में लाने जिले में 15 से 31 जुलाई दौरान शालाबाह्य बालकों का सर्वेक्षण किया जाना है। जिले के दुर्गम व बस्ती क्षेत्र में खोज मुहिम चलाते हुए इन बालकों को नजदिकी स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। पिछले दो वर्षों जिले में 39 शालाबाह्य विद्यार्थियों की खोज कर उन्हें स्कूलों में प्रवेश दिया गया।

एक भी बालक शालाबाह्य न रहे, इस उद्देश्य से जिला व तहसील स्तर के शिक्षा विभाग अधिनस्त होने वाले सभी अधिकारी व कर्मचारी एवं महिला व बाल विकास प्रकल्प अंतर्गत सेवारत कर्मचारी 15 जुलाई से सर्वेक्षण के काम में जुटेंगे, ऐसा बताया गया। जिले में विविध कारणों से कई विद्यार्थी शालाबाह्य दिखाई देते हैं। पहले दीपावली दौरान यह सर्वेक्षण किया जाता था।

एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे, 15 जुलाई से सर्वे अभियान

परंतु आधा शैक्षणिक सत्र खत्म होने पर इन विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता था। इससे उनका शैक्षणिक नुकसान होता है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने शैक्षणिक सत्र के शुरुवाती दिनों में ही विद्यार्थी खोज मुहिम चलाने का निर्णय लिया है।

इस मुहिम में प्रमुख रुप से पंचायत समिति अंतर्गत आने वाले निजी प्रबंधन की स्कूलों के मुख्याध्यापक, पंचायत समिति अंतर्गत आने वाली स्कूलों के विस्तार अधिकारी, केंद्र प्रमुख, गुट साधन केंद्र स्तर के कर्मचारी, एवं सरकार से संबंधित विविध विभागों के समन्वय से यह मुहिम चलायी जानी है। इस मुहिम द्वारा किये गए सर्वेक्षण की जानकारी प्रतिदिन जिला परिषद के शिक्षा विभाग को पेश करनी है।

इस कार्य में दुर्लक्ष व लापरवाही नहीं होगी, इस ओर ध्यान देना है। इस संदर्भ में उचित दिशानिर्देश पंस के गुटशिक्षाधिकारी को जारी किये गए है। शालाबाह्य विद्यार्थी खोज मुहिम चलाने से पहले बाल विकास प्रकल्प अधिकारी, केंद्र प्रमुख, मुख्याध्यापक, अंगणवाडी पर्यवेक्षिका की सभा ली जाए, ऐसा भी सूचित किया गया। सर्वेक्षण दौरान सरकार द्वारा दिये गए निर्देशो का पालन कर एक भी विद्यार्थी शालाबाह्य न रहे, इसका ध्यान रखे, ऐसा भी जिप के शिक्षा विभाग ने अपने पत्र में कहा है।

इन जगहों पर चलेगा सर्वेक्षण

15 से 31 जुलाई तक इस मुहिम में विशेष कर हर घर, बसस्थानक, रेलवे स्थानक, होटल्स, भोजनालय, सार्वजनिक जगह, बाजार, ईंट भट्टी, खदान, कारखाना, बाल श्रमिक होने वाली जगहों, सभी गांव, बस्तिया, कस्बे, बेडे व जंगल से परिसर के गांवों में सर्वेक्षण चलेगा।

गुट साधन केंद्र में चलायी जाती है शालाबाह्य छात्रों की खोज मुहिम

अध्ययन का बाल अधिकार अधिनियमानुसार एक भी बालक शालाबाह्य न रहे, ऐसी नीति है। बावजुद इसके प्रतिवर्ष शैक्षणिक सत्र शुरुवाती दिनों में गुट साधन केंद्र से शालाबाह्य विद्यार्थियों की खोज मुहिम चलायी जाती है।

इसमें बड़ी मात्रा में विद्यार्थी पाये जाते हैं। वर्ष 2024 में 29 तो, 2025 में 10 कुल 39 शालाबाह्य विद्यार्थी पाये गए थे। प्रशासन ने अंगणवाडी केंद्र से आयु के छह वर्ष पूर्ण करने वाले बालकों का प्रवेश पहली कक्षा में हुआ या नहीं, इसकी जांच करना जरूरी है। ताकि कोई भी बालक शालाबाह्य न रहे, इस संदर्भ में गंभीरता बरतनी जरूरी है।

तेजपाल को जाना ही होगा जेल...सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, सरेंडर के लिए दिया दो हफ्ते का टाइम

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर

2027 की जनगणना से पहले राहुल गांधी और खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, जाति के आंकड़ों पर उठाए सवाल

6 साल में 41 मासूमों की मौत; अमरावती से झांसी तक अस्पताल बने आग का गोला, लेकिन एक भी दोषी को नहीं हुई सजा

मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान पर भड़के जगद्गुरु अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- हिंदू धर्म विरोधी मानसिकता त्यागें