पुणे: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से पुणे जिले (Pune District) से संबंधित सड़कों के कार्यों (Road Works) के लिए पचास हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी जाए, राज्य सरकार इन सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक स्टील और सीमेंट पर जीएसटी कम करें, सरकारी जमीन, उजानी बांध से निर्माण के लिए जरूरी सिल्ट हटाने की अनुमति भी देने की उम्मीद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) जताई हैं। साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा भी दिया है कि वह इन मुद्दों पर राज्य सरकार के साथ बात करेंगे।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने शनिवार को पालकी मार्ग के कार्य का हवाई निरीक्षण किया। इसके बाद वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से प्रस्तावित, स्वीकृत और चल रहे कार्यों की जानकारी दी गई। पुणे से नासिक, पुणे से शिरूर, तालेगांव-चाकण, पुणे से बेंगलुरु जैसे विभिन्न राजमार्गों का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा कि इन सड़कों पर काम किया जाएगा, इनमें से कुछ डबल-डेकर सड़कें हैं। राज्य सरकार इस काम में लगने वाले स्टील, सीमेंट पर जीएसटी में रियायत दें। मिट्टी की रायल्टी माफ की जाए और सड़क निर्माण के लिए आवश्यक जमीन भी सरकार को उपलब्ध करानी चाहिए।
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इन सड़कों के निर्माण के लिए बालू की आवश्यकता होती है। उजानी बांध में अभी पानी का स्टोरेज अच्छा है, लेकिन गर्मी में यह कम हो जाएगा। यदि इस अवधि में बांध में मौजूद कीचड़ को हटा दिया जाता है तो इसका उपयोग निर्माण कार्य में किया जा सकता है और कीचड़ हटने से बांध का जल संग्रह भी बढ़ जाएगा। गडकरी ने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण को कीचड़ हटाने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इससे पुणे से नासिक, औरंगाबाद, अहमदनगर, नागपुर, बंगलौर शहरों की यात्रा करने में समय की बचत होगी। लगभग 53 हजार करोड़ रुपए के कार्यों को मंजूरी दी गई है और रंगीन रेल के निर्माण के बाद पुणे शहर में यातायात की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी। पुणे से बैंगलोर का राजमार्ग पश्चिमी महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्र से होकर गुजरता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह राजमार्ग सूखा प्रभावित क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों आलंदी, देहू और पंढरपुर को जोड़ने वाले दोनों पालखी हाईवे का काम इस साल दिसंबर के महीने में पूरा हो जाएगा और यह फोर लेन हाईवे अगले साल दिसंबर में खोल दिया जाएगा। शनिवार को केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ सांसद रंजीत सिंह नाईक निंबालकर और अन्य अधिकारियों ने पालखी हाईवे के कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा की। इसके बाद गडकरी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग अगले साल शुरू किया जाएगा। यह सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग-965) 234 किमी लंबी हडपसर (पुणे)-सासवड-जेजुरी-नीरा-लोणंद-फलटन-नटेपुते-मालशीरस-बोंडल-वखरी-पंढरपुर शामिल है।
दोनों पालकी मार्गों में पालकी स्टॉप हैं। इस स्थान तक सड़क का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि, राज्य सरकार को एक सभागार का निर्माण करना चाहिए जिसमें 10,000 लोग बैठ सकें, शौचालय, पानी आदि जैसी सुविधाएं प्रदान करें। गडकरी ने कहा कि इस संबंध में पिछली राज्य सरकार से चर्चा हो चुकी है और अब वे नई राज्य सरकार से चर्चा करेंगे।