ठाणे में पानी की कमी का संकट (सौ. नवभारत ) 
ठाणे

मानसून की देरी से ठाणे बेहाल, शहापुर-मुरबाड के एक लाख लोग पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर

Thane Water Shortage: मानसून में देरी और बांधों के घटते जलस्तर ने ठाणे जिले में जल संकट बढ़ा दिया है। शहापुर और अन्य क्षेत्रों के एक लाख से अधिक लोगों को टैंकरों के जरिए पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

अपूर्वा नायक

Thane Water Shortage News: मानसून की देरी ने ठाणे एवं जिले के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ठाणे जिले के आदिवासी तहसील शहापुर, मुरबाड, भिवंडी के साथ ही कल्याण बदलापुर तहसील के कई इलाकों में लोग भीषण गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।

शहापुर तहसील के अलग-अलग इलाकों में बड़े-बड़े डैम हैं। जिससे मुंबई व आस-पास के उपनगरों में पानी सप्लाई होती है, लेकिन स्थानीय लोग टैंकरों पर निर्भर हैं और पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

जिले मुरबाड एवं शहापुर तहसील के दुर्गम आदिवासी इलाकों के 189 गांव और वाडियों में टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। पानी की किल्लत से जूझ रहे लगभग 1 लाख से अधिक नागरिकों की प्यास बुझाने को लेकर जिला परिषद प्रशासन की तरफ से 45 निजी टैंकरों की व्यवस्था की गयी है।

घट रहा बांधों का जल स्तर

  • ग्रामीण क्षेत्र के अलावा अंबरनाथ, बदलापुर टिटवाला जैसे शहरी क्षेत्र के लोग भी पानी किल्लत का सामना कर रहे है। बांधों का जलस्तर नीचे जाने के कारण जलसंपदा विभाग ने सभी महानगरपालिकाओं को पानी का नियोजन करने का आदेश दिया है। जिसकी वजह से ठाणे जिले की सभी महानगरपालिकाओं एवं नगरपरिषदों ने पानी कटौती का निर्णय लिया है। गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत अधिक है। ठाणे जिला परिषद के ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग ने योजना तैयार करके पानी की कमी वाले दूर-दराज के इलाकों में पानी पहुंचाने का काम शुरू किया है।
  • पानी की कमी दूर करने को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से तुरंत किए गए उपायों की वजह से दुर्गम इलाकों में रहने वाले नागरिकों को राहत मिली है। ठाणे जिला परिषद के ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले में पानी की समस्या को कम करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी चौबीसों घंटे काम कर रही है। पानी की कमी वाले 44 गांवों और 145 वाडियों के लोगों को समय पर, साफ और पर्याप्त पीने का पानी दिया जा रहा है।

शहापुर क्षेत्र में विशेष सावधानी बरत रहा जिला प्रशासन

भौगोलिक कारणों से हर साल पानी की भारी कमी से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले शहापुर तालुका में इस साल जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरती है और बहुत बारीकी से योजना तैयार की है। शहापुर के पानी की कमी से प्रभावित गांवों और पाड़ों में रहने वाले लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला परिषद ने निजी टैंकर लगाए है।

यहां के 38 गांव और 135 वाड़ियां पानी की कमी से प्रभावित हैं और जिला परिषद ने 42 निजी टैंकर लगाए है, ताकि वहां के 93 हजार 73 लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। मुरबाड तालुका में भी प्रशासनिक सिस्टम पूरी तरह अलर्ट है और वहां के 6 प्रभावित गांवों और 10 वाड़ियों में रहने वाले 5 हजार 666 लोगों की आबादी के लिए 3 निजी एवं 3 सरकारी कुल 6 टैंकरों से नियमित और बिना रुकावट पानी की सप्लाई जारी रखी गई है। खास बात यह है कि गर्मियों की शुरुआत में तैयारियों और सही प्रबंधन किया गया। इसके बावजूद अंबरनाथ, भिवंडी और कल्याण तालुका में भी लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

BRICS Summit 2026 LIVE: पीएम मोदी-पेजेश्कियान के बीच बैठक खत्म, ईरान के विदेश मंत्री अराघची भी रहे मौजूद

Elephant Madhuri Return: वनतारा से कोल्हापुर लौटेगी माधुरी, वापसी से पहले किए गए खास इंतजाम

DUSU Election 2026: चुनावी रण में 6 महिलाएं, 4 पदों के लिए चुनाव; यूनिवर्सिटी प्रशासन की तैयारी पूरी

मोदी ने बताया BRICS की ताकत, पुतिन ने G7 पर साधा निशाना...बिजनेस फोरम में संबोधन की 10 बड़ी बातें

BRICS Business Forum की फैमिली फोटो में शामिल हुए PM मोदी, वैश्विक मंच पर दिखी एकजुटता