ठाणे इंटरनल रिंग मेट्रो परियोजना ( सोर्स: डिजाइन फोटो)
ठाणे

रिंग मेट्रो पर ठाणेकरों का सवाल- जरूरत नहीं तो करोड़ों का खर्च क्यों? नागरिक चलाएंगे हस्ताक्षर अभियान

Thane Ring Metro Protest: ठाणे रिंग मेट्रो के विरोध में नागरिक रविवार को हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। परियोजना रद्द कर डैम और इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की मांग की जा रही है।

आलोक उमाकृष्ण

Citizens Signature Campaign Against Project: राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हत्वकांक्षी परियोजनाओं में शामिल ठाणे इंटरनल रिंग मेट्रो परियोजना का विरोध थमने की बजे बढ़ता ही जा रहा है। इस परियोजना के खिलाफ रविवार, 30 अगस्त को नागरिक सड़कों पर उतरकर हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।

इस परियोजना की आवश्यकता न होने का दावा करते हुए इसे रद्द करने और इसके बजाय डैम तथा इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की मांग ठाणे शहर वासियों की तरफ से की जा रही है।

संबंधित प्राधिकरणों का ध्यान इस मांग की ओर खींचने के लिए ही यह हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया जा रहा है। जबकि 'वेकअप ठाणेकर' ने परियोजना की खिलाफत करते हुए दावा किया है कि ठाणे रिंग मेट्रो का सफर 'रोलर कोस्टर' जैसा होगा।

अभियान में लोगों से शामिल होने की अपील

बताया गया कि ठाणे शहर के पोखरण रोड नंबर 2 स्थित आशर इनफिनिटी, प्रशांत कॉर्नर के पास रविवार, 30 अगस्त को सुबह 10 बजे यह हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया जाएगा। इस संदर्भ में एड. राधिका राणे शेडगे ने इस आंदोलन की पहल की है।

इस अभियान में शामिल होने वाले नागरिकों के लिए काले रंग का ड्रेस कोड रखा गया है। आयोजकों ने नागरिकों से रिंग मेट्रो परियोजना का विरोध करने के लिए इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।

राजनीतिक बैनर और झंडे पर सख्त मनाही

एडवोकेट राधिका राणे शेडगे ने बताया कि इस परियोजना की कोई आवश्यकता न होने के कारण इसे रद्द कर पानी के लिए डैम के निर्माण और इलेट्रिक बसों की मांग की जा रही है। इसी ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ठाणेकरों को गड्ढामुक्त सड़कें, पानी के लिए डैम और परिवहन के लिए इलेवट्रिक बसों की जरूरत है। आंतरिक मेट्रो से नागरिकों को घर से दफ्तर तक सीधी यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी, इसलिए इसकी आवश्यकता नहीं है।

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान को राजनीतिक रंग न दिया जाए, इसलिए कोई भी राजनीतिक बैनर या झंडे न लाए जाएं। इस अभियान के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि नागरिकों की समस्याओं के लिए नागरिकों को स्वयं ही एकजुट होना होगा।।

ट्रैफिक जाम की समस्या होगी और गंभीर

प्रशासन का दावा है कि रिंग मेट्रो मार्ग परियोजना से शहर के नागरिकों को आंतरिक सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प मिलेगा। इस परियोजना का काम भी शुरू हो चुका है और इसके लिए जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए हैं।

लेकिन नागरिकों का कहना है कि इस परियोजना से ठाणेकरों को कोई खास फायदा नहीं होगा, बल्कि इसके काम की वजह से उन्हें पिछले कुछ दिनों से भारी यातायात जाम (ट्रैफिक जाम) का सामना करना पड़ रहा है। सोसायटियों के मुख्य प्रवेश द्वारों के ठीक सामने स्टेशन बनाए जाने का भी विरोध हो रहा है।

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