3 नवंबर को छूटे हुए बच्चों को दवा दी जाएगी।
स्कूल, कॉलेज, मदरसे और आंगनवाड़ी केंद्र अभियान में शामिल।
कृमि संक्रमण से खून की कमी, कुपोषण और सीखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल कल्याण विभाग मिलकर अभियान चलाएंगे।
Deworming Campaign Children Albendazole: मीरा- भाईंदर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस के तहत 27 अक्टूबर से कृमिनाशक अभियान चलाया जा रहा है। 3 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान अंतर्गत मनपा क्षेत्र के 1 से 19 वर्ष तक के पात्र बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाएंगी। 3 नवंबर को छूटे हुए लाभार्थियों के लिए विशेष मॉप-अप अभियान आयोजित होगा।
मीरा भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस के तहत बच्चों और किशोरों को कृमिनाशक दवा देने का अभियान सभी स्कूलों, महाविद्यालयों, मदरसों और आंगनवाड़ी केंद्रों में चलाया जाएगा। अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा तथा महिला एवं बाल कल्याण विभाग संयुक्त रूप से जिम्मेदारी संभालेंगे।
आयुक्त राधाबिनोद शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित समन्वय समिति की बैठक में अभियान की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बच्चों और अभिभावकों के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर चर्चा हुई। ठाणे जिला के अधिकारियों ने अभियान के सुचारु संचालन और अधिक से अधिक पात्र बच्चों तक दवा पहुंचाने के लिए आवश्यक समन्वय पर जोर दिया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में 1 से 19 वर्ष की आयु के लगभग 24।1 करोड़ बच्चे (68 प्रतिशत) मिट्टी से फैलने वाले आंतों के कृमियों से प्रभावित हैं। दुनियाभर में भी करीब 28 प्रतिशत बच्चे इस संक्रमण के खतरे में हैं। व्यक्तिगत और पर्यावरणीय स्वच्छता की कमी इसका प्रमुख कारण है।
कृमि संक्रमण से बच्चों में खून की कमी, कुपोषण, शारीरिक विकास में बाधा और सीखने की क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास को बेहतर बनाने के लिए नियमित कृमिनाशक दवा देना महत्वपूर्ण है।