रेस्क्यू ऑपरेशन (सोर्स: सोशल मीडिया)
ठाणे

लिफ्ट में फंसे नवजात समेत 5 मरीज, ठाणे के अस्पताल में टला बड़ा हादसा, समय रहते रेस्क्यू से बची सबकी जान

Thane Civil Hospital News: ठाणे सिविल अस्पताल में लिफ्ट फंसने से एक नवजात समेत 5 मरीजों की जान जोखिम में पड़ गई। सुरक्षाकर्मियों और तकनीकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

गोरक्ष पोफली

Thane Civil Hospital Lift Malfunction: महाराष्ट्र के ठाणे सिविल अस्पताल में गुरुवार को एक ऐसा वाक्या पेश आया जिसने अस्पताल प्रशासन और वहां मौजूद मरीजों की सांसें अटका दीं। एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई जब अस्पताल की लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में ही बंद हो गई।

इस लिफ्ट में एक नवजात शिशु सहित कुल 5 मरीज सवार थे, जो काफी देर तक उस बंद डिब्बे में फंसे रहे। समय रहते सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी ने एक बड़े हादसे को टाल दिया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

सलाइन लगी हालत में फंसे रहे मरीज

यह घटना उस समय और भी संवेदनशील हो गई जब पता चला कि लिफ्ट में मौजूद कुछ मरीजों की स्थिति पहले से ही नाजुक थी। जानकारी के अनुसार, लिफ्ट में फंसे कुछ मरीजों के हाथों में IV Drip लगी हुई थी। अस्पताल की लिफ्ट अचानक दो मंजिलों के बीच में रुक गई, जिससे अंदर मौजूद लोगों में भारी घबराहट और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

बंद जगह, ऊपर से बीमारी और हाथ में लगी सुइयां इन परिस्थितियों ने मरीजों की मानसिक और शारीरिक परेशानी को दोगुना कर दिया था। वे लगातार मदद के लिए गुहार लगा रहे थे।

नवजात की मौजूदगी ने बढ़ाई चिंता

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे डरावना पहलू लिफ्ट के भीतर एक नवजात बच्चे का होना था। छोटे बच्चे के साथ ऐसी बंद और दमघोंटू स्थिति में फंसना परिजनों के लिए किसी बुरे सपने जैसा था। जैसे ही बाहर मौजूद अस्पताल कर्मियों और परिजनों को पता चला कि लिफ्ट में बच्चा भी है, सबकी चिंता और अधिक बढ़ गई।

सुरक्षाकर्मियों और तकनीकी टीम का साहसी रेस्क्यू

हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल के सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आए और मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाला। उन्होंने बिना देरी किए तकनीकी कर्मचारियों को सूचित किया। सुरक्षाकर्मियों ने तकनीकी टीम की मदद से लिफ्ट के दरवाजे को खोलने का काम शुरू किया।

काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खुलवाया गया और अंदर फंसे सभी 5 लोगों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी को भी कोई चोट नहीं आई।

अस्पताल के रखरखाव पर उठे सवाल

भले ही सभी मरीजों का रेस्क्यू सुरक्षित तरीके से पूरा हो गया, लेकिन इस घटना ने सिविल अस्पताल की तकनीकी व्यवस्था और उपकरणों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं का खराब होना चिंताजनक है, क्योंकि यहां हर सेकंड कीमती होता है।

अब यह उम्मीद की जा रही है कि ठाणे शहर का अस्पताल प्रशासन इस तकनीकी खराबी की गहन जांच करेगा ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

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