Kalyan Dombivli News In Hindi: कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका चुनाव में शिंदे सेना को रणनीति इस बार पूरी तरह 'महायुति' की गणित पर आधारित नजर आ रही है, महायुति की कुंडली पूरी तरह न मिल जाने तक पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोलने का फैसला किया है।
साफ संकेत हैं कि सीट बंटवारे पर अंतिम मुहर लगने के बाद ही शिवसेना (शिंदे सेना) अपने अधिकृत उम्मीदवारों की सूची जारी करेगी, डोंबिवली पूर्व और पश्चिम से शिंदे सेना के करीब 550 इच्छुक उम्मीदवार - चुनावी मैदान में उतरने को बेताब हैं। मंगलवार को चुनाव लड़ने के इच्छुकों का साक्षात्कार लिए गए।
जिला प्रमुख गोपाल लांडगे ने स्पष्ट किया कि केवल दावेदारी नहीं, बल्कि प्रभाग में जनसंपर्क, किए गए काम और जीतने की वास्तविक क्षमता के आधार पर ही टिकट दिया जाएगा, यानि इस बार 'चेहरा' नहीं, बल्कि मैदान में मौजूदगी' ही टिकट की असली कसौटी है। महायुति को लेकर उच्च स्तर पर बातचीत जारी है और अगले एक दो दिनों में तस्वीर साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके बाद ही यह तय होगा कि शिंदे सेना कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी अंतिम सूची पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे द्वारा घोषित की जाएगी, तब तक इच्छुक उम्मीदवारों की बेचैनी बनी हुई है, क्योंकि समय कम है और अनिश्चितता ज्यादा है। मुलाकातों के दौरान कई इच्छुकों से सीधा सवाल किया गया क्या आप प्रभाग में नियमित घूमते हैं?"
कुछ ने कहा, लेकिन जब नेतृत्व ने कहा कि आपकी जमीनी मौजूदगी दिखाई नहीं देती। तो कई दावेदार असहज हो गए। नेतृत्व ने अंबरनाथ और बदलापुर पालिका चुनाव का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि केवल अपने-अपने प्रभाग तक सीमित सोच नुकसानदायक हो सकती है, बहुसदस्यीय चुनाव होने के कारण चारों सदस्यों को एकजुट होकर प्रचार करने की हिदायत दी गई।