अभिभावकों-पुलिस के साथ बात करते मनसे प्रमुख राज ठाकरे 
ठाणे

बदलापुर पहुंचे राज ठाकरे, अभिभावकों-पुलिस के साथ 15 मिनट की मुलाकात

बदलापुर की दो मासूम छात्राओं से दुष्कर्म मामले के मद्देनजर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को बदलापुर शहर का दौरा किया। सेंकडों प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा रहा है। इसलिए जहां सभी पार्टियों के नेता प्रदर्शनकारियों पर हुए अपराध को वापस लेने की मांग कर रहे थे।

आकाश मसने

बदलापुर: बदलापुर की दो मासूम छात्राओं से दुष्कर्म मामले के मद्देनजर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को बदलापुर शहर का दौरा किया। हालांकि, बड़ी धूमधाम से आयोजित की गए इस दौरे में राज ठाकरे केवल कुछ मिनटों के लिए उपस्थित हुए और चंद अभिभावकों और पुलिस अधिकारियों के साथ बंद दरवाजे में चर्चा की। बदलापुर में दो बच्चियों से दरिंदगी की घटना के बाद बदलापुर शहर एक सप्ताह तक देश भर में चर्चा में रहा, सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं ने यहां का दौरा किया व विभिन्न जांच एजेंसियों की टीम भी बदलापुर में सक्रिय रही है। सेंकडों प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा रहा है। इसलिए जहां सभी पार्टियों के नेता प्रदर्शनकारियों पर हुए अपराध को वापस लेने की मांग कर रहे थे।

राज ठाकरे ने कहा कि बदलापुर की दुर्भाग्यपूर्ण घटना, महाराष्ट्र नवनिर्माण महिला सेना की पदाधिकारी संगीता चेंदवंकर और महिला सेना की अन्य पदाधिकारियों ने इस घटना का पर्दाफाश किया, उन अभागे माता-पिता के परिवारों को सहारा दिया।

प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज करना गलत

राज ठाकरे में सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि बदलापुर की घटना में एक महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दिखाई गई उदासीनता इतनी चरम थी कि लोगों का गुस्सा होना और विरोध करना स्वाभाविक था। इस तरह के प्रकोप के बाद स्थिति को धीरे से संभालना होगा। लेकिन यहां प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। यह एक गलती है। ऐसा नहीं होना चाहिए।

पुलिस अधिकारियों से की चर्चा

मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने बुधवार को बदलापुर शहर का दौरा किया। इस मौके पर वह शहर के विभिन्न स्कूलों में अभिभावकों से बातचीत करने वाले थे। इसलिए हॉल में बड़ी संख्या में अभिभावक, पदाधिकारी और मीडिया जमा हुए। करीब डेढ़ बजे राज ठाकरे सभागार में दाखिल हुए तो उन्होंने मंच पर जाने की बजाय नीचे कोने में बैठे कुछ अभिभावकों और पूर्व नगर अध्यक्ष वामन म्हात्रे पर आपत्तिजनक बयान देने वाली महिला पत्रकार से चर्चा की और फिर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से चर्चा करने सीधे सभागार के ऊपरी मंजिल पर गए।

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने आगे लिखा कि इसलिए मैंने पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और उनसे प्रदर्शनकारियों को परेशान न करने का आग्रह किया, जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं, इतने दबाव के बावजूद महाराष्ट्र में पुलिस जिस तरह से राज्य को संभाल रही है वह सराहनीय है। लेकिन आख़िरकार, वे हमेशा पुलिस पर दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप से पीड़ित होते हैं। मुझे लगता है कि यहां राजनीतिक हस्तक्षेप भी है, मैं इस बारे में सरकार से बात करने जा रहा हूं।

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