मीरा भाईंदर डाक सेवाएं (सौ. सोशल मीडिया ) 
ठाणे

Mira Bhayandar East Post Office: मीरा-भाईंदर में पोस्ट ऑफिस बंद, लाखों नागरिकों को हो रही भारी परेशानी

Mira Bhayandar East Post Office कई महीनों से बंद होने के कारण लाखों लोगों को बुनियादी डाक सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

अपूर्वा नायक

Mira Bhayandar East Post Office Closed: तेजी से विकसित हो रहे मीरा भाईंदर शहर में बुनियादी सरकारी सेवाओं की बदहाली अब लोगों के गुस्से का बड़ा कारण बनती जा रही है। भाईंदर पूर्व का पोस्ट ऑफिस पिछले कई महीनों से बंद होने के कारण लाखों नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शहर के लोगों का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित रह गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। भाईंदर पूर्व के बी। पी। रोड इलाके में कई वर्षों से संचालित हो रहा पोस्ट ऑफिस जिस इमारत में स्थित था, उसे खतरनाक घोषित कर दिया गया था।

इसके बाद इस कार्यालय को अस्थायी रूप से जैसल पार्क क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन अगस्त महीने से यह पोस्ट ऑफिस पूरी तरह बंद कर दिया गया। डाक विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में पूछने पर उन्होंने बताया कि उपयुक्त जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा बंद करनी पड़ी।

मीरा भाईंदर में सिर्फ 2 ऑफिस स्थित

स्थिति यह है कि 13 से 15 लाख की आबादी वाले मीरा भाईंदर शहर में अब केवल मीरा रोड और भाईंदर पश्चिम में दो पोस्ट ऑफिस ही कार्यरत हैं। भाईंदर पूर्व के हजारों नागरिकों को छोटी-छोटी डाक सेवाओं के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इसका सबसे अधिक असर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, छात्रों और दैनिक कामकाजी लोगों पर पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिक राजू म्हात्रे का कहना है कि मौजूदा पोस्ट ऑफिसों में लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। कई जगहों पर न तो शेड की व्यवस्था है, न पीने के पानी की सुविधा और न ही पार्किंग की उचित व्यवस्था। गर्मी और उमस के बीच लोगों को बेहद कठिन परिस्थितियों में सरकारी सेवाएँ लेनी पड़ रही हैं।

लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि शहर में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बुनियादी केंद्रीय सरकारी सेवाओं की हालत बेहद खराब है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनाव खत्म होते ही जनप्रतिनिधि पूरी तरह निष्क्रय हो गए हैं। यहां तक कि चुने गए सांसद ने भी चुनाव के बाद मीरा-भाईंदर का एक भी दौरा नहीं किया।

अगर मीरा-भाईंदर जैसे विकासशील शहर में लाखों लोगों को पोस्ट ऑफिस जैसी बुनियादी सुविधा के लिए दूर-दूर जाना पड़ता है, तो यह विकास नहीं बल्कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नाकामी है। चुनाव से पहले किए गए वादे सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गए है। भाईंदर पूर्व के लोगों को पोस्ट ऑफिस सेवा तुरंत उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है

- हर्षद ढगे, सामाजिक कार्यकर्ता

तत्काल उपलब्ध कराएं सेवा

शहर में उनका नियमित जनसंपर्क कार्यालय तक सक्रिय नहीं है। पोस्ट ऑफिस केवल चिट्ठी-पत्री तक सीमित सेवा नहीं है, बल्कि बैंकिंग, बचत योजनाएँ, सरकारी दस्तावेज, पार्सल सेवा और अनेक सरकारी सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। ऐसे में भाईंदर पूर्व में पोस्ट ऑफिस बंद होना लाखों लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन, डाक विभाग और संबंधित जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि भायंदर ईस्ट में तत्काल नई जगह उपलब्ध कराकर पोस्ट ऑफिस दोबारा शुरू किया जाए।

मुंबई से नवभारत लाइव के लिए विनोद मिश्रा की रिपोर्ट

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