गड्ढों में तब्दील हुईं सड़कें (फोटो नवभारत) 
ठाणे

ठाणेः मानसून की शुरुआत में ही खुली MBMC की पोल, गड्ढों में तब्दील हुईं सड़कें, राई गांव की हालात सबसे बदतर

MBMC Pothole Road: मीरा-भाईंदर में मानसून की शुरुआत के साथ ही सड़कों की बदहाली सामने आ गई। राई गांव में हालात सबसे खराब हैं। नागरिकों ने गड्ढों की मरम्मत और जलनिकासी सुधार की मांग की।

आलोक उमाकृष्ण

MBMC Pothole Road Condition: मीरा- भाईंदर शहर में मानसून की शुरुआत होते ही मनपा के गड्ढा मुक्त सड़क के दावों की हवा निकल गई है। लगातार ही रही बारिशों के कारण शहर की अधिकांश डामर सड़कें उखड़ चुकी हैं और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं।

सड़कों पर जमा बारिश के पानी के कारण ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे रोजाना वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया सवारों को अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।

भाईंदर पश्चिम के राई गांव में सबसे खराब

हालात शहर के अन्य हिस्सों के मुकाबले भाईंदर पश्चिम के राई गांव की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो चुकी है। राई गांव की मुख्य और आंतरिक सड़कों पर इतने बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं कि पूरी सड़क छलनी जैसी नजर आ रही है।

स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि यदि मानसून की शुरुआत में ही राई गांव और पूरे मीरा- भाईंदर की सड़कों का यह हाल है, तो आने वाले दिनों में स्थिति कितनी गंभीर और जानलेवा होगी, इसकी कल्पना भी डरावनी है।

करोड़ों के खर्च पर उठे सवाल

ठाणे मनपा प्रशासन हर साल खराब भौगोलिक परिस्थितियों का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेता है। हालांकि, नागरिक सीधे तौर पर निर्माण कार्यों की घटिया गुणवत्ता और समय पर रखरखाव न होने को जिम्मेदार मान रहे हैं। शहर की कुछ सड़कों का कंक्रीटीकरण जरूर हुआ है, लेकिन बजट की कमी के कारण अभी भी बड़ी संख्या में सड़कें डामर की हैं, जिनकी मरम्मत समय पर नहीं की गई।

चिंता की बात यह भी है कि जिन इलाकों में नालों के चौड़ीकरण और गहरीकरण पर करोड़ों रुपये बहाए गए थे, वहां भी बारिश का पानी नालियों में जाने के बजाय सड़कों पर ही जमा हो रहा है। जलमग्न सड़कों के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे नाला निर्माण और सड़क मरम्मत के दावों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

नागरिकों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

शहर की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मीरा- भाईंदर के नागरिकों ने मनपा प्रशासन से तत्काल गड्ढों की तुरंत मरम्मत करने, जलनिकासी व्यवस्था (ड्रेनेज सिस्टम) को तुरंत दुरुस्त करने और मानसून के दौरान सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए इमरजेंसी टीमें तैनात करने की मांग की है। हालांकि मनपा प्रशासन ने बारिश रुकने के बाद युद्ध स्तर पर सड़को के मरम्मत का कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है।

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