KDMC General Body Adjourned NEET Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की गूंज गुरुवार को कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका की आम सभा से लेकर शहर की सड़कों तक सुनाई दी। एक ओर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और मनसे के नगरसेवकों ने आमसभा में जोरदार हंगामा किया, वहीं दूसरी ओर कल्याण पूर्व के कोलसेवाड़ी और कल्याण पश्चिम के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर विरोध प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
केडीएमसी की आम सभा शुरू होते ही शिवसेना (उद्धव) और मनसे के नगरसेवक राष्ट्रध्वज लहराते हुए इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाने लगे और दिल्ली की घटना के विरोध में सभा स्थगित करने की मांग की। हंगामे के चलते सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को देखते हुए महापौर एडवोकेट हर्षाली विजय चौधरी ने पहले सभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। हालांकि दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी नगरसेवकों ने फिर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके जवाब में भाजपा नगरसेवकों ने वंदे मातरम् और जय श्रीराम के नारे लगाए। लगातार हंगामे के बीच कुछ आवश्यक विषयों को मंजूरी देने के बाद महापौर ने आम सभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
इधर, शिवसेना (उबाठा) के नेतृत्व में कोलसेवाड़ी और छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में छात्रों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, मजबूत और छात्र हितैषी बनाने की मांग भी उठाई गई।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में मानसून का कहर: पालघर में बाढ़ से 1 की मौत, 16 गांव कटे; पुणे समेत कई जिलों में अलर्ट जारी
प्रदर्शन में शिवसेना के उपनेता विजय सालवी, अल्ताफ भाई शेख, जिला प्रमुख शरद पाटिल, शहर प्रमुख हेमंत चौधरी, युवा सेना शहर अधिकारी एडवोकेट नीरज कुमार, महिला शहर संगठन प्रमुख मीना मालवे, कल्याण पश्चिम शहर प्रमुख बाला परब, जिला प्रमुख अल्पेश भोईर, मनपा में ठाकरे गुट के नेता उमेश बोरगांवकर, विधानसभा सह-संगठक रूपेश भोईर सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, नगरसेवक, सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र के प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में शिवसैनिक और नागरिक मौजूद रहे।