वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Photo Credits-ANI Twitter)  
ठाणे

केंद्रीय बजट को किसी ने सराहा तो किसी ने बताया निराशाजनक

Virendra Mishra

ठाणे : मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री (Union Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद (Parliament) में बजट (Budget) पेश किया। जिसमें युवाओं को रोजगार, (Employment) गरीबों के लिए घर और नई ट्रेनों को लेकर कई अहम ऐलान किया। हालांकि, इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slabs) में कोई बदलाव नहीं किए जाने, किसानों को सहूलियत नहीं दिए जाने और आम आदमी के लिए कोई महत्वपूर्ण घोषणा न किये जाने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और इस बजट को मध्यमवर्गीय लोगों के लिए निराशाजनक बजट करार दिया। 

ठाणे के एनसीपी अध्यक्ष और पूर्व सांसद आनंद परांजपे कहा कि वित्त मंत्री और पीएम मोदी वेतन भोगी और मध्यम वर्ग के लिए कोई राहत की घोषणा नहीं करके उन्हें निराश किया है। परांजपे ने कहा कि पहले मोदी सरकार दो करोड़ युआओं को रोजगार देने की बात कही थी। इस आश्वासन की पूर्ति अब तक नहीं कर पाई है और अब 60 लाख रोजगार का सृजन की घोषणा भी भी सिर्फ झुनझुना लग रहा है और किसान हो अथवा मध्यम वर्गीय सभी लोगों को इस सरकार ने निराश किया है।   

ठाणे के सांसद राजन विचारे ने कहा कि पिछले दो साल से वैश्विक कोरोना महामारी ने लोगों का आर्थिक गणित बिगाड़ दिया है। ऐसे में उम्मीद थी कि बजट गरीबों और आम लोगों के लिए राहत लाएगा। लेकिन आम जनता को निराशा हाथ लगी है। किसानों के लिए भी बजट में कुछ खास प्रावधान नहीं किया गया है।

भाजपा गटनेता मनोहर डुंबरे ने कहा कि, ये बजट समृद्ध, शक्तिशाली और विकसित भारत के निर्माण वाला नवभारत बजट है। अधोसंरचना विकास के लिए 35% से अधिक राशि बजट में बढ़ाई गई है इससे अधोसंरचना विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। 

सब्सिडी को लेकर सकारात्मक निर्णय

जबकि हेरिटेज मोटर्स के एमडी सुरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि इस बजट में बढ़ती मुद्रास्फीति से प्रभावित करदाताओं को पूरा नहीं किया गया है। ऑटो सेक्टर के लिए भी निराशा वाला बजट है। क्योंकि एक तरफ सरकार इलेक्ट्रिक वेहिकल को बढ़ावा देने की बात कहती है तो वहीं इस सेक्टर के लिए बजट में कुछ विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। न तो जीएसटी में कोई छूट दी गई है और न ही सब्सिडी को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया गया है।  

बड़ी-बड़ी बातें हैं और हकीकत में कुछ नहीं है

कांग्रेस के कोकण विभाग के व्यापारी सेल के अध्यक्ष जनक व्यास ने कहा, कि बजट में बढ़ती असमानता को संबोधित नहीं किया गया है। छोटे उद्योगों को भी इस बजट से कोई राहत नहीं। बेरोजगारी और महंगाई से पिस रहे आम लोगों के लिए बजट में कुछ नहीं है। बड़ी-बड़ी बातें हैं और हकीकत में कुछ नहीं है।

निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को निराश किया है

कांग्रेस नेत्री और सुप्रयास फाउंडेशन की अध्यक्षा सुमन अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2022-23 के आम बजट में देश के आम लोगों के लिए कुछ नहीं है। केंद्र सरकार ने आम जनता के साथ विश्वासघात किया है। रोजगार के अवसर देने की बात पिछले सात वर्षों से करती आ रही है लेकिन देश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। कोरोना संक्रमण काल में महिलाओं को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे महिलाओं को इस बजट में टैक्स में छूट देना चाहिए था लेकिन एक महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को निराश किया है। 

स्टील के स्क्रैप पर कस्टम ड्यूटी

ठाणे के घोड़बंदर ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज जैन के रत्न और आभूषण पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है अब इस पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है। नकली गहनों पर कस्टम ड्यूटी 400 रुपये प्रति किलो रहेगी। स्टील के स्क्रैप पर कस्टम ड्यूटी एक और साल के लिए बढ़ाई जा रही है। जो की भारतीय बाजार को फायदा होगा। यह ज्वेलरी और कॉस्मेटिक बनाने वाले और बेचने वाले भारतीय व्यापारियों को फायदा होगा।'

निराशा हाथ लगी है

ठाणे शिवसेना जिला प्रमुख और महापौर नरेश म्हस्के ने कहा कि, "इनकम टैक्स स्लैब को लेकर यदि आप इंतजार कर रहे हैं तो आपको बता दें कि बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स स्लैब पर बात नहीं की है। इसका अर्थ इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। जबकि मिडिल क्लास इसमें बदलाव और स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को बढ़ाने की मांग कर रहा था। लेकिन निराशा हाथ लगी है।"

आवासीय अचल संपत्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा

एमसीएचआय के अध्यक्ष जितेंद्र मेहता ने कहा कि, "केंद्रीय बजट 2022-23 को प्रगतिशील बजट है। “बुनियादी ढांचे के निर्माण और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है। सरकार की प्राथमिकताएं जैसे कि पीएम गति शक्ति सतत विकास, समावेशी विकास, उत्पादकता वृद्धि और समर्थन निवेश लाएगी। कैपेक्स लक्ष्य का 35.4 प्रतिशत विस्तार (5.54 लाख करोड़ रुपये से 7.50 लाख करोड़ रुपये) समग्र खर्च को बढ़ावा देने में मदद करेगा, जिससे आर्थिक विकास होगा। बजट में शहरी नियोजन पर जोर दिया गया है, पीएमएवाई के लिए वित्तपोषण बढ़ाया गया है और अगले 5 वर्षों में 6 मिलियन नई नौकरियां पैदा की गई हैं।  इनका आवासीय अचल संपत्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।"

ठाणे के सीए अखिलेश पांडेय का कहना है कि, "समग्र बजट बुनियादी ढांचे और विकास पर केंद्रित दीर्घकालिक दृष्टि के लिए है। कुछ टैक्स बेनिफिट बीटी 80 सी कटौती 150000 से 20000 तक बढ़ा रहे हैं। मूल्यांकन वर्ष से 2 वर्ष तक आईटीआर अपडेट की अनुमति है। जोकि करदाताओं के लिए एक छा निर्णय है।"

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