आदिवासी व्यक्ति की जमीन पर बलपूर्वक कब्जा करने का आरोप ! (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
ठाणे

अंबरनाथ में वन विभाग पर लगा आदिवासी व्यक्ति की जमीन पर बलपूर्वक कब्जा करने का आरोप !

Forest department in Ambernath:अंबरनाथ पश्चिम स्थित जावसई गांव में वन विभाग द्वारा एक आदिवासी व्यक्ति की निजी जमीन पर मनमाने ढंग से वृक्षारोपण करने का मामला सामने आया है।

आंचल लोखंडे

Thane News: अंबरनाथ पश्चिम स्थित जावसई गांव में वन विभाग द्वारा एक आदिवासी व्यक्ति की निजी जमीन पर मनमाने ढंग से वृक्षारोपण करने और कुछ तथाकथित दबंग लोगों द्वारा उस जमीन अनधिकृत निर्माण यानी चालिया बनाने का मामला सामने आया है। युवासेना के नेता विकास सोमेश्वर ने इस मुद्दे पर आवाज उठाते हुए कहा कि युवासेना सुरेश शुक्रा हिरवे नामक आदिवासी व्यक्ति की निजी जमीन पर वन विभाग के अधिकारियों द्वारा भूमि को समतल करके उसपर जबरन वृक्षारोपण करने का विरोध करती है।

प्रकृति संरक्षण के लिए वृक्षारोपण जरूरी है लेकिन किसी आदिवासी समाज के गरीब व्यक्ति की निजी जमीन पर ये नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि वन विभाग कर्मी सुरेश शुक्रा हिरवे नामक व्यक्ति को उसकी जमीन पर खेती नहीं करने दे रहे जबकि कुछ ही दूरी पर आगे कुछ तथाकथित भूमाफियाओं ने भ्रष्ट आधिकारियों की सांठ गांठ से गैरकानूनी तौर पर 200 से अधिक अवैध घरों का निर्माण किया है।

दिवासी महिला और पुरुषों को लेकर आंदोलन करेंगे

अवैध रूप से घर बना के रहने वाले लोगों से कोई कागज नहीं पूछता। नगरपालिका यहां सड़क बनाने आती है तो वनविभाग कर्मी सड़क बनने नहीं देते हैं। आदिवासियों की जमीन पर वन विभाग कर्मियों की मिलीभगत से प्रिंटिंग मशीनें लगाई गई है जो एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला लग रहा है। उन्होंने उग्र होते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस मुद्दे पर कार्यवाही नहीं होती है तो वो वन विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत राज्य सरकार के वन मंत्री गणेश नाईक से करेंगे और आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए बदलापुर वन विभाग और ठाणे में वन विभाग के कार्यालय पर यहां रहने वाले आदिवासी महिला और पुरुषों को लेकर आंदोलन करेंगे।

आदिवासी के हितों और अधिकारो की रक्षा करेगी युवासेना - विकास सोमेश्वर

वही सुरेश नामक आदिवासी व्यक्ति ने पत्रकारों से अपनी बात रखते हुए दावा किया है कि ये जमीन मेरे पूर्वजों की है जिस पर बुलडोजर चलाकर बलपूर्वक समतल करके वन विभाग कब्जा करना चाह रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आत्महत्या कर लूंगा। स्थानीय वन विभाग के अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

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