28 साल पुराने शैलेश मोरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी संदीप कृष्णन बिहार से गिरफ्तार।
शराब पार्टी के विवाद में पत्थर से कुचलकर हत्या, शव रेलवे ट्रैक पर फेंका।
मामले के दो आरोपी फरार, रेलवे पुलिस कर रही तलाश।
Maharashtra Crime Branch: महाराष्ट्र के डोंबिवली और कोपर रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर मिले शैलेश मोरे के शव के मामले में 28 साल बाद अहम खुलासा हुआ है। रेलवे पुलिस ने हत्या के इस मामले में मुख्य आरोपी संदीप कृष्णन को बिहार से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, शैलेश की हत्या करने के बाद शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था, ताकि वारदात को रेल हादसे का रूप दिया जा सके। मामले में दो अन्य आरोपी विनोद यादव और विनेश कृष्णन अब भी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, 14 दिसंबर 1998 को शैलेश मोरे का शव ठाणे शहर के डोंबिवली-कोपर रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर मिला था। शुरुआत में यह मामला रेल दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जांच के दौरान हत्या की आशंका सामने आई। घटना के कई साल बाद अब पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की गुत्थी सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
जांच के मुताबिक, घटना वाले दिन शैलेश मोरे के रिश्तेदार संदीप कृष्णन और उसके दोस्तों विनोद यादव तथा विनेश कृष्णन के साथ शराब पार्टी हुई थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर तीनों ने शैलेश की पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने और हत्या को हादसा दिखाने के इरादे से शव को कोपर स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया।
रेलवे पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी अभियान के दौरान तकनीकी जांच से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदीप कृष्णन का पता लगाया और उसे बिहार से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
इस हत्याकांड में विनोद यादव और विनेश कृष्णन की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। करीब 28 साल पुराने इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।