एकनाथ शिंदे Vs गणेश नाईक (सौ. सोशल मीडिया) 
ठाणे

BJP की नई नियुक्ति से महायुति में तनाव, गणेश नाईक के हाथ में Thane की कमान

Maharashtra Local Body Election: भाजपा ने ठाणे जिले में गणेश नाईक को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। इससे शिंदे गुट और नाईक परिवार के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है और महायुति में तनाव बढ़ा है।

अपूर्वा नायक

Eknath Shinde Vs Ganesh Naik: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल बजते ही भाजपा ने अपने सहयोगी दलों को बड़ा झटका दिया है।

भाजपा ने नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए जिला चुनाव प्रभारियों और प्रमुखों की नियुक्तियों की घोषणा कर दी है और एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे जिले में शिंदे गुट के धुर विरोधी गणेश नाइक को प्रभारी नियुक्त किया गया है।

इससे महागठबंधन में अंदरूनी कलह छिड़ गई है और ठाणे व नवी मुंबई समेत पूरे जिले में सियासी तूफान खड़ा हो गया है। साफ है कि भाजपा ने शिंदे सेना को अकेले दम पर लड़ने की चुनौती दी है। दिलचस्प बात यह है कि नाईक के गढ़ नवी मुंबई में चुनाव प्रमुख का पद उनके पूर्व सांसद बेटे संजीव को सौंपा गया है।

इससे संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा ने आगामी मनपा चुनावों में ठाणे जिले में शिंदे के खिलाफ आक्रामक कदम उठाने की भाजपा ने पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा तकी महाराष्ट्र प्रदेश समिति ने जब यह सूची जारी की तो उसने ठाणे जिले के सभी 7 ने मंडलों की जिम्मेदारी वन मंत्री गणेश नाईक को सौंपी है।

इनमें ठाणे शहर, ठाणे ग्रामीण, भिवंडी, मीरा-भाईंदर, नवी मुंबई, क कल्याण और उल्हासनगर शामिल हैं। चूंकि नाईक शिंदे के पुराने दुश्मन हैं, इसलिए इस ने नियुक्ति को शिंदे गुट को सीधा निशाना में माना जा रहा है।

नाईक बने शिंदे के लिए बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गठबंधन' के संकेत दिए थे, लेकिन भाजपा के इस फैसले ने सहयोगियों को दरकिनार करने की उसकी रणनीति को उजागर कर दिया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और वन मंत्री गणेश नाइक के बीच विवाद जगजाहिर है। नाईक का मानना है कि भाजपा को नवी मुंबई समेत ठाणे जिले के सभी नगर निगमों और स्थानीय निकायों में अपने दम पर चुनाव लड़ना चाहिए। नाईक ने बीच में बयान दिया था कि अगर पार्टी उन्हें मौका देती है, तो वे ठाणे में भी अपना 'कमल' खिलाएंगे। इसी पृष्ठभूमि में, चर्चा है कि भाजपा ने ठाणे जिले के चुनाव प्रभारी का पद नाईक को सौंपकर एक तरह से शिंदे के सामने चुनौती पेश कर दी है।

नाईक परिवार-शिंदे सेना के बीच टकराव गहराया

नवी मुंबई में भी भाजपा में गणेश नाईक और विधायक मंदा म्हात्रे के बीच मुकाबला होता दिख रहा है। इसी पृष्ठभूमि में, नवी मुंबई के चुनाव प्रमुख का पद संजीव नाईक को सौंपकर भाजपा द्वारा वहां भी शिंदे सेना को चुनौती देने का काम किया है। गणेश नाईक परिवार और शिंदे सेना के बीच नवी मुंबई में भी टकराव गहराया हुआ है। नाईक गुट भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे के खिलाफ सक्रिय है।

संजीव नाईक को नवी मुंबई प्रमुख का पद देकर भाजपा ने शिंदे सेना से सीधे टकराव की अपनी तैयारी दिखाई है। इसके अलावा, गणेश नाईक ने सांसद श्रीकांत शिंदे द्वारा कल्याण-डोंबिवली निर्वाचन क्षेत्र के 14 गांवों को नवी मुंबई मनपा में शामिल करने के फैसले का भी कड़ा विरोध किया है। हालांकि इन दोनों लोगों में जनता दरबार लगाए जाने को लेकर भी विवाद हुआ था।

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