अंबरनाथ नगर परिषद (सौ. सोशल मीडिया )
Thane News In Hindi: जिले में कांग्रेस के लिए अच्छी खबर है। पिछले कई चुनावों में अपेक्षा के अनुरूप सफलता नहीं मिलने की वजह से पार्टी के अस्तित्व पर ही सवाल उठने लगे थे।
कहा जा रहा था कि शिवसेना जैसे अन्य दलों के बगैर कांग्रेस स्थानीय निकायों के चुनाव में खाता भी नहीं खोल सकती है। लेकिन अंबरनाथ नगर पालिका के चुनाव में इस बार कांग्रेस के नगरसेवकों की संख्या बढ़ी है।
इस बार शिवसेना (यूबीटी) मनसे के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरी थी। 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाले दोनों दलों का खाता नहीं खुल पाया, जबकि खुद के बल पर मैदान में उतरी कांग्रेस पार्टी के 12 उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं। कहा जा रहा है कि मुस्लिम ईसाई व दलित मतदाता एक बार फिर कांग्रेस की तरफ लौटे हैं। कांग्रेस के लिए चुनावी वर्ष बहुत ही ऊहापोह वाला था।
खुद की ताकत पर चुनाव में उतरी कांग्रेस
- कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्षा, दूसरे पूर्व नगरसेवकों ने पाला बदला था, इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी खुद की ताकत पर चुनाव मैदान में उत्तरी। कांग्रेस की नगराध्यक्ष उम्मीदवार को भले ही 21 हजार 593 वोट मिले।
- वह तीसरे स्थान पर रही, लेकिन नपा सदन में कांग्रेस के नगरसेवकों की संख्या 8 से बढ़ कर 12 हो गयी, अंबरनाथ में दक्षिण भारतीय मुस्लिम और ईसाई समाज के लोग भी बड़ी सख्या में रहते हैं।
- अंबरनाथ में कांग्रेस पार्टी का एक मजबूत संगठन रहा है। दलित और पिछड़े वर्ग ने भी समय-समय पर कांग्रेस का साथ दिया है।
- लेकिन पहले राष्ट्रवादी फिर शिवसेना ने अंबरनाथ पर अपना वर्चस्व स्थापित किया और कांग्रेस की पकड़ ढीली पड़ गयी। कांग्रेस के परपरागत चोटर शिवसेना व दूसरी पार्टियों की तरफ रुख कर लिए थे।