Urban Heat Island Thane: ठाणे शहर सहित पूरे जिले में 'अक्टूबर हीट' का प्रकोप जानलेवा रूप लेता जा रहा है, जिससे ठाणे का शहर नियोजन और घटती हरियाली कटघरे में खड़ी हो गई है। दिन के समय तापमान जहां 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, वहीं कांक्रीटीकरण और डामर की सड़कों के कारण रात को भी राहत नहीं मिल रही है।
सूरज ढलने के बाद कंक्रीट द्वारा छोड़ी जा रही गर्मी से आधी रात को भी पारा 29 से 31 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। 'अर्बन हीट आइलैंड' के इस खतरनाक असर ने ठाणे वासियों का दिन का चैन और रात की नींद छीन ली है।
मुंबई सहित पूरे कोंकण क्षेत्र के तापमान में पिछले दो दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके कारण नागरिकों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ठाणे जिले में पिछले दो दिनों से तापमान का पारा 35 से
37 डिग्री पर स्थिर बना हुआ है। पूरे उत्तर कोंकण क्षेत्र के लिए गर्म और आर्द्र (उमस भरे) मौसम का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री के बीच रहेगा। मुंबई सहित पालघर, ठाणे जिले और अधिकांश इलाकों से शनिवार को मानसून विदा हो गया।
खुली जमीनों का भी अपना पर्यावरणीय महत्व है। कंक्रीट की तुलना में प्राकृतिक मिट्टी सूरज की गर्मी को अलग तरीके से संभालती है और बारिश के पानी को जमीन में सोखने में मदद करती है।
लेकिन यदि खुली जगहों को पूरी तरह कंक्रीट से ढक दिया जाए, तो पानी के जमीन में समाने की क्षमता घट जाती है। इसका बुरा असर भूजल पुनर्भरण, स्थानीय नमी और शहर के समग्र पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ता है। इसलिए 'अक्टूबर हीट' को केवल कुछ दिनों के बढ़े हुए तापमान के रूप में देखना सही नहीं होगा।
IMD के क्षेत्रीय केंद्र नागपुर के अनुसार, 5 अक्टूबर को विदर्भ के लिए कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन 6 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं जैसी गतिविधियों की संभावना जताई गई है। इसके बाद 7 से 11 अक्टूबर तक फिलहाल कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
इस दौरान लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचने और गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है।
IMD के 4 अक्टूबर के मौसम अवलोकन के मुताबिक, विदर्भ के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहा। अमरावती में अधिकतम तापमान 38°C, अकोला में 37.1°C और वर्धा में 36°C दर्ज किया गया।
नागपुर जिले में अधिकतम तापमान 35°C रहा। इन शहरों में उस दिन बारिश दर्ज नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में मानसून के बाद की परिस्थितियों के बीच तापमान और स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाली गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
IMD के 5 अक्टूबर के सब-डिविजनवार पूर्वानुमान में कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के लिए 5 से 11 अक्टूबर तक कोई चेतावनी नहीं दी गई है। ऐसे में इन क्षेत्रों में फिलहाल बड़े पैमाने पर भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।