Gas Cylinder Funeral Solapur (फोटो क्रेडिट-X) 
सोलापुर

LPG सिलेंडर की निकली अर्थी, फूल-हार से सजाई गई चिता, सोलापुर में अनोखा विरोध प्रदर्शन

Solapur LPG Cylinder Protest: सोलापुर में एलपीजी किल्लत के खिलाफ गैस सिलेंडर की अर्थी निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। 25 दिन के वेटिंग पीरियड और किल्लत से जनता में भारी आक्रोश है।

अनिल सिंह

Gas Cylinder Funeral Solapur: महाराष्ट्र के सोलापुर में एलपीजी (LPG) गैस संकट और बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक ऐसा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां प्रदर्शनकारियों ने न केवल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि गैस सिलेंडर की 'अर्थी' निकालकर उसे फूल-मालाओं से सजी चिता पर लिटा दिया। सोलापुर की सड़कों पर निकले इस अनोखे जनाजे ने रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों और कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत से जूझ रहे आम आदमी और व्यापारियों के दर्द को बयां किया। यह प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार इस बात का संकेत था कि आम आदमी के बजट में अब रसोई गैस 'दम तोड़' चुकी है।

मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर भारत की एलपीजी वितरण प्रणाली पर पड़ा है। सरकार ने घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग पीरियड में 25 दिनों का अनिवार्य 'वेटिंग पीरियड' लागू कर दिया है। दूसरी ओर, कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। सोलापुर में हुए इस प्रदर्शन में शामिल होटल व्यवसायियों ने कहा कि गैस न मिलने के कारण उनका धंधा पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर है।

सिलेंडर का 'अंतिम संस्कार' और अनोखा रोष

सोलापुर के प्रमुख चौराहों से गुजरी इस अर्थी यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और व्यापारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने गैस सिलेंडर को बाकायदा फूलों से सजाया और उसे कंधे पर उठाकर श्मशान जैसी प्रतीकात्मक जगह तक ले गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की गलत नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संकट के प्रबंधन में विफलता के कारण आज चूल्हा जलाना एक विलासिता बन गया है। "गैस सिलेंडर अब रसोई की शान नहीं, बल्कि केवल सजावट की वस्तु बनकर रह गया है," जैसे नारों के साथ लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया।

25 दिन की वेटिंग और कालाबाजारी का डर

केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस रिफिल की बुकिंग के लिए 25 दिनों का अंतराल अनिवार्य करने के फैसले ने उपभोक्ताओं की नींद उड़ा दी है। सोलापुर के निवासियों का आरोप है कि इस नियम के कारण अब गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ उमड़ रही है और बैकडोर से सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू हो गई है। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए महीने के अंत में गैस खत्म होने पर 25 दिन का इंतजार करना नामुमकिन है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकार इस 'वेटिंग पीरियड' के आदेश को तुरंत वापस ले और आपूर्ति बहाल करे।

होटल उद्योग पर 'तालाबंदी' का खतरा

कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगी अघोषित रोक के कारण सोलापुर के छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। 'आहार' जैसे संगठनों ने पहले ही चेतावनी दी है कि ईंधन के बिना वे ग्राहकों को सेवाएं नहीं दे पाएंगे। सोलापुर के प्रदर्शन में शामिल ढाबा मालिकों ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से वे लकड़ी के चूल्हों पर लौटने को मजबूर हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है और समय की बर्बादी हो रही है। यदि अगले कुछ दिनों में स्थिति नहीं सुधरी, तो हजारों कामगार बेरोजगार हो सकते हैं।

BRICS Summit 2026: भारत मंडपम में पीएम मोदी ने पुतिन और शी जिनपिंग संग खिंचवाई BRICS फैमिली फोटो

PM के बर्थडे पर देश भर में सेवा संकल्प अभियान, मुंबई में अमित शाह का ऐलान, कहा-एक भी घुसपैठी नहीं छोड़ेंगे

विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल ने किया GFP से गठबंधन का ऐलान, कांग्रेस-BJP में सेटिंग का लगाया आरोप

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे का बड़ा बयान, बंगाल में मदरसों पर एक्शन और कांग्रेस की गुटबाजी पर साधा निशाना

BRICS डिनर के वेज मेन्यू पर छिड़ी बहस, बहन के हाथ के छोले-भटूरे की फोटो शेयर कर क्या बोले राहुल गांधी?