Nitesh Rane Sentenced To One Month: भाजपा के दिग्गज नेता और सिंधुदुर्ग जिले के पालकमंत्री नितेश राणे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बहुचर्चित 'कीचड़ फेंक' मामले में जिला सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए नितेश राणे को एक माह के कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में उनके साथ आरोपी रहे करीब 40 अन्य लोगों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
यह विवाद तब का है जब नितेश राणे कांग्रेस में हुआ करते थे। उस समय मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत अत्यंत जर्जर थी और सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे थे। स्थानीय जनता और राहगीरों की परेशानी को देखते हुए नितेश राणे ने आंदोलन का रास्ता चुना था। आरोप है कि आंदोलन के दौरान उन्होंने एनएचएआई (NHAI) के उप-अभियंता प्रकाश शेडेकर को गडनदी पुल पर रोका और उन पर कीचड़ फेंका। उस वक्त आंदोलनकारियों का तर्क था कि जिस नारकीय स्थिति और कीचड़ का सामना आम जनता रोजाना राजमार्ग पर करती है, उसका अहसास सरकारी अधिकारियों को भी होना चाहिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।
प्रकाश शेडेकर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नितेश राणे और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में भारतीय दंड संहिता की धारा 353, 332 और 506 के तहत सभी आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना) के तहत नितेश राणे को दोषी माना।
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नितेश राणे के वकील संग्राम देसाई ने जानकारी दी है कि सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाने के लिए आवेदन दाखिल कर दिया गया है। बचाव पक्ष का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ जल्द ही उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर करेंगे। फिलहाल अन्य 40 आरोपियों के बरी होने से उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है, लेकिन मंत्री नितेश राणे के लिए यह कानूनी लड़ाई अभी जारी रहेगी।