जयंत पाटिल व शशिकांत शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

जयंत पाटिल की हुई छुट्टी, शशिकांत शिंदे बने शरद पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष

Shashikant Shinde: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं विधान परिषद सदस्य शशिकांत शिंदे को जयंत पाटिल की जगह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

आकाश मसने

मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं विधान परिषद सदस्य शशिकांत शिंदे को मंगलवार को जयंत पाटिल की जगह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया। शरद पवार गुट के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि शिंदे की नियुक्ति की घोषणा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) अध्यक्ष शरद पवार ने यहां पार्टी की आम सभा की बैठक में की।

पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने शिंदे के नाम का प्रस्ताव रखा और शिरूर से सांसद अमोल कोल्हे तथा पूर्व विधायक सुनील भुसारा ने इसका समर्थन किया। क्रैस्टो ने बताया कि बाद में शरद पवार ने माइक संभाला और कहा कि उन्हें इस पद के लिए एक नाम मिला है।

क्रैस्टो ने बताया कि शरद पवार ने एनसीपी (एसपी) नेताओं से पूछा कि क्या उनमें से कोई चुनाव लड़ना चाहता है और कोई जवाब नहीं मिलने पर सभी की पसंद के रूप में शिंदे के नाम की घोषणा की गई।

क्या बोले जयंत पाटिल

जयंत पाटिल ने शशिकांत शिंदे को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि "शरद पवार साहब के विचारों पर चलने वाली इस पार्टी का मूल आम कार्यकर्ता है। अतीत में हम सभी ने मिलकर अपनी पार्टी को निचले पायदान तक पहुंचाया है। मुझे विश्वास है कि शशिकांत शिंदे इस पार्टी को और भी मज़बूत बनाएंगे। इसके लिए आपको हार्दिक शुभकामनाएं!

7 साल तक एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष रहे जयंत पाटिल ने शरद पवार को अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया और अपने कार्यकाल के दौरान पार्टी द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।

जयंत पाटिल ने पहले ही दिया था पद से इस्तीफा देने का संकेत

बता दें कि पुणे में 10 जून को एनसीपी (एसपी) के 26वें स्थापना दिवस समारोह में जयंत पाटिल ने पार्टी प्रमुख शरद पवार की उपस्थिति में अपने पद से इस्तीफा देने और किसी युवा चेहरे को मौका देने का संकेत दिया था। शरद पवार के सबसे वफादार पाटिल 1999 में एनसीपी के गठन के बाद से ही उनके साथ हैं। वर्ष 2023 में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बगावत करने और भाजपा-शिवसेना सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने के बाद भी उन्होंने शरद पवार का साथ दिया।

अंगूर खट्टे हैं तो बेल काटने लगे, दिल्ली प्रोटेस्ट पर पहली बार बोले PM मोदी; राहुल गांधी को बताया फेल प्रोडक्ट

दिल्ली नगर निगम में क्यों भिड़े AAP-कांग्रेस पार्षद? विकास फंड से शुरू हुआ विवाद, हाथापाई तक पहुंची बात- VIDEO

नेहा बोरा ने CJP से किया किनारा, हाई कोर्ट में कहा- तिरंगा फहराने के लिए अनुमति जरूरी नहीं; कब आएगा फैसला?

सोनम का झलका दर्द, सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का गंभीर आरोप; कहा चीन लद्दाख को नहीं मानता भारत का हिस्सा

रेहान वाड्रा की 74 तस्वीरें प्रदर्शनी से क्यों हटाई गईं? बीकानेर हाउस ने बताई वजह