MPSC के सदस्य सतीश बबन वाघोले को आयोग के अध्यक्ष पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
MPSC के अध्यक्ष विवेक भीमनवार छुट्टी पर चले गए, जिससे यह पद खाली हो गया था।
IAS अधिकारी और मुंबई उपनगर के कलेक्टर सौरभ कटियार को MPSC के सचिव का प्रभार मिला है।
पेपर लीक होने के आरोपों और छात्रों के 11 दिवसीय भारी विरोध-प्रदर्शन के बाद यह फेरबदल किया गया है।
MPSC Chairman And Secretary Appointment: महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लंबे विरोध-प्रदर्शन और पेपर लीक विवाद के बीच राज्य सरकार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शुक्रवार को एक आधिकारिक आदेश के तहत सतीश वाघोले को MPSC के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है, जबकि सौरभ कटियार को आयोग का नया सचिव बनाया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के सदस्य सतीश बबन वाघोले को एमपीएससी अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके साथ ही, मुंबई उपनगर के जिला कलेक्टर के रूप में कार्यरत सौरभ कटियार को एमपीएससी सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
गौरतलब है कि एमपीएससी पेपर लीक मामले की जांच के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस दिलीप भोसले की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन की घोषणा की गई है। इस घोषणा के बाद, तत्कालीन MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार छुट्टी पर चले गए, जिससे अध्यक्ष का पद खाली हो गया था।
महाराष्ट्र सरकार ने सेवानिवृत्त जस्टिस दिलीप भोसले की अध्यक्षता वाली जांच समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दो महीने का समय दिया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद जांच समिति के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद समिति अपना काम शुरू कर देगी।
छुट्टी पर जाने से पहले विवेक भीमनवार ने कहा था कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में हमेशा नैतिकता और ईमानदारी को प्राथमिकता दी है। जांच समिति की रिपोर्ट आने और उसके बाद सरकार के अंतिम निर्णय तक प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सतीश वाघोले को सौंपा गया है।
मुंबई उपनगर के जिला कलेक्टर सौरभ कटियार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में बुधवार को ही आदेश जारी कर दिया था।
आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रशासनिक कारणों से, MPSC के वर्तमान सचिव महेंद्र हरपालकर की प्रतिनियुक्ति (deputation) की अवधि 1 अक्टूबर, 2026 से समाप्त कर दी गई है।
यह पूरा प्रशासनिक फेरबदल हाल ही में पुणे में हुए उग्र छात्र आंदोलन के बाद सामने आया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हजारों छात्रों ने हालिया परीक्षाओं में पेपर लीक होने के गंभीर आरोप लगाते हुए पुणे में लगातार 11 दिनों तक जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग थी कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच हो, चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और आयोग के शीर्ष नेतृत्व को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। छात्रों के इस दबाव और व्यवस्था में सुधार की मांग के चलते ही सरकार को आयोग के शीर्ष पदों पर नए अधिकारियों को नियुक्त करना पड़ा है।