BJP vs Shiv Sena Satara 
सातारा

महायुति में महासंग्राम: सातारा चुनाव विवाद में बीजेपी बनाम शिंदे सेना; एसपी के निलंबन पर अड़ी शिवसेना

Satara SP Resignation: सातारा जिला परिषद चुनाव विवाद में शिंदे सेना और बीजेपी के बीच तकरार बढ़ी। एसपी के निलंबन की मांग को लेकर मंत्रियों ने विधानमंडल की सीढ़ियों पर किया प्रदर्शन।

अनिल सिंह

BJP vs Shiv Sena Satara: सातारा जिला परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार के भीतर एक बड़ी दरार पैदा कर दी है। सोमवार (23 मार्च) को विधानमंडल में शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) एक तरफ, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अकेली खड़ी नजर आई। यह विवाद अब पुलिस अधीक्षक (SP) तुषार दोशी के निलंबन की मांग तक पहुंच गया है, जिसे लेकर सदन में जमकर ड्रामा हुआ।

मंत्री शंभूराज देसाई द्वारा लगाए गए 'पुलिसिया गुंडागर्दी' के आरोपों ने सत्तापक्ष के अंतर्विरोधों को सार्वजनिक कर दिया है।

एसपी के निलंबन पर 'अपनों' में रार: बीजेपी ने जताया कड़ा ऐतराज

विधान परिषद में जब उपसभापति नीलम गोऱ्हे ने सातारा एसपी तुषार दोशी को निलंबित करने का आदेश दिया, तो सदन में सन्नाटा पसर गया। हालांकि, बीजेपी के मंत्री जयकुमार गोरे ने तुरंत इस पर आपत्ति जताई और सवाल किया कि बिना किसी आधिकारिक रिपोर्ट के निलंबन का आदेश कैसे दिया जा सकता है? इसके बाद सभापति राम शिंदे ने इस निर्णय को 'रिजर्व' (सुरक्षित) रख लिया, जिससे यह साफ हो गया कि बीजेपी अपने अधिकारियों के साथ खड़ी है, जबकि शिंदे सेना उन्हें हटाने पर आमादा है।

शिंदे सेना-एनसीपी का पोस्टर वार: 'लोकतंत्र की हत्या' का आरोप

सोमवार को विधानमंडल की सीढ़ियों पर एक अभूतपूर्व दृश्य दिखा, जब सत्ताधारी दल के ही मंत्रियों और विधायकों ने अपनी सरकार की पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। शंभूराज देसाई और मकरंद पाटील के नेतृत्व में पोस्टर लेकर आंदोलन किया गया। एकनाथ शिंदे ने सदन में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "मतदान से रोकना लोकतंत्र की हत्या है। मैंने खुद एसपी को फोन किया था, फिर भी मंत्रियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।" वहीं, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच का आश्वासन देकर मामले को शांत करने की कोशिश की, लेकिन बीजेपी के भीतर इस विरोध को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।

विपक्ष का तंज: 'राजा मारे गए, टाइगर कहां गए?'

इस सत्ता संघर्ष का लुत्फ उठाते हुए विपक्षी दल शिवसेना (UBT) ने शिंदे गुट पर तीखा हमला बोला। अनिल परब ने तंज कसते हुए कहा कि सातारा में 'टाइगर' होने का दावा करने वाले आज लाचार दिख रहे हैं। कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड़ ने भी इसे संविधान की हत्या करार देते हुए मुख्यमंत्री से जवाब मांगा। दिलचस्प बात यह है कि 65 में से 35 सीटें होने के बावजूद शिवसेना-एनसीपी गठबंधन चुनाव हार गया और मात्र 27 सीटों वाली बीजेपी ने अपना अध्यक्ष बनवा लिया। शिंदे सेना का आरोप है कि पुलिस का इस्तेमाल कर उनके दो मतदाताओं को वोट देने से रोका गया, जिससे जीत-हार का समीकरण बदल गया।

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