यशवंत को ऑपरेटिव बैंक (सौ. सोशल मीडिया ) 
सातारा

Bank Scam Exposed: यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक में 112 करोड़ का घोटाला, 50 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

Satara के फलटण यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक में 112 करोड़ 10 लाख रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। जिसके चलते 50 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है । जिसमें 50 भाजपा नेताओ का भी समावेश हैं।

अपूर्वा नायक

Satara News In Hindi: फलटण स्थित यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक में 112 करोड़ 10 लाख रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में कराड पुलिस थाने में कुल 50 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आरोपियों में भाजपा नेता और सहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष शेखर चरेगावकर, साथ ही फलटण के पूर्व विधायक दिवंगत कृष्णचंद्र भोईटे के पुत्र नरेंद्र भोईटे का नाम भी शामिल है।

इस घोटाले का पर्दाफाश पुणे के चार्टर्ड अकाउंटेंट मंदार देशपांडे की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत में बताया गया कि बैंक में मिलीभगत के जरिए फर्जी कर्ज के माध्यम से भारी रकम का गबन किया गया। यह घोटाला अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की ऑडिट अवधि के साथ-साथ 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2024 के बीच भी संचालित गतिविधियों में सामने आया।

एफआईआर में कई तत्कालीन बैंक संचालकों और अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें नरेंद्र भोईटे, रवींद्र टोणपे, चंद्रकांत चव्हाण, अनिल चव्हाण, सुनील पावसकर, सुधीर कुलकर्णी, श्रीकृष्ण जोशी, अवधूत नाटेकर, डॉ. नचिकेत वाचासुंदर और गणपतराव निकम जैसे कई वरिष्ठ व्यक्तियों का नाम दर्ज किया गया है।

सातारा में मचा हड़कंप

इस मामले ने सातारा जिले में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इस घोटाले की गहन जांच कर रहे हैं ताकि दोषियों को तुरंत न्याय के कटघरे में लाया जा सके। बैंक और सहकारी क्षेत्र में सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के घोटाले से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है। वहीं, बैंक के ग्राहकों और नागरिकों में भी भारी असंतोष है। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सभी संबंधित दस्तावेज और बैंक ट्रांजेक्शन की समीक्षा की जा रही है और दोषियों को जल्द ही कानून के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

अंगूर खट्टे हैं तो बेल काटने लगे, दिल्ली प्रोटेस्ट पर पहली बार बोले PM मोदी; राहुल गांधी को बताया फेल प्रोडक्ट

दिल्ली नगर निगम में क्यों भिड़े AAP-कांग्रेस पार्षद? विकास फंड से शुरू हुआ विवाद, हाथापाई तक पहुंची बात- VIDEO

नेहा बोरा ने CJP से किया किनारा, हाई कोर्ट में कहा- तिरंगा फहराने के लिए अनुमति जरूरी नहीं; कब आएगा फैसला?

सोनम का झलका दर्द, सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का गंभीर आरोप; कहा चीन लद्दाख को नहीं मानता भारत का हिस्सा

रेहान वाड्रा की 74 तस्वीरें प्रदर्शनी से क्यों हटाई गईं? बीकानेर हाउस ने बताई वजह