राज ठाकरे (डिजाइन फोटो-नवभारत)
राज ठाकरे और उनकी पार्टी Maharashtra Navnirman Sena ने महाराष्ट्र में मराठी युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर उत्तर भारतीयों के खिलाफ आंदोलन चलाया। रेलवे भर्ती परीक्षा और प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर यह आंदोलन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।राज ठाकरे ने राज्यभर में टोल वसूली के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। एमएनएस कार्यकर्ताओं ने कई टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किए और टोल हटाने की मांग उठाई।मुंबई और अन्य शहरों में फुटपाथों पर अतिक्रमण हटाने तथा अवैध फेरीवालों के खिलाफ एमएनएस ने कई आंदोलन किए। यह राज ठाकरे के प्रमुख जनआंदोलनों में गिना जाता है। राज ठाकरे ने मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर हटाने की मांग को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा। उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम दिया और एमएनएस कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया।राज ठाकरे और एमएनएस ने दुकानों व प्रतिष्ठानों पर मराठी भाषा में नामपट्टिका (साइनबोर्ड) अनिवार्य करने के लिए अभियान चलाया। कई शहरों में इस मुद्दे पर प्रदर्शन हुए।राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में हिंदी को लेकर विवादित तीन-भाषा नीति के खिलाफ आंदोलन किया। बाद में Uddhav Thackeray के साथ संयुक्त रैली भी हुई, जिसे "मराठी अस्मिता" का बड़ा आंदोलन माना गया।एमएनएस ने समय-समय पर बांग्लादेशी और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ भी आंदोलन और रैलियों की घोषणा की।