Raigad Darshan Yatra: इतिहास, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का संगम बन चुकी छत्रपति शिवाजी महाराज युवा संगठन सोनबिहरी की रायगढ़ दर्शन सहल अब अपने द्वितीय वर्ष में प्रवेश कर रही है। संगठन द्वारा पिछले वर्ष 20 युवाओं को छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी रायगढ़ किले का ऐतिहासिक दर्शन कराया गया था, जिसे युवाओं का भरपूर प्रतिसाद मिला। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी रायगढ़ दर्शन सहल का आयोजन किया जा रहा है।
संगठन का उद्देश्य केवल एक पर्यटन यात्रा आयोजित करना नहीं, बल्कि युवकों व युवतियों को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों, स्वाभिमान, पराक्रम, राष्ट्रप्रेम और सुशासन की प्रेरणा से जोड़ना है। आज के आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने तथा उनमें नेतृत्व, संगठन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए यह अभिनव पहल की जा रही है।
रायगढ़ किला केवल एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि हिंदवी स्वराज्य के स्वप्न, संघर्ष और विजय का प्रतीक है। इसी भूमि पर छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था और यहीं से स्वराज्य की गौरवगाथा पूरे देश में गूंज उठी थी।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि रायगढ़ दर्शन सहल के माध्यम से युवाओं को शिवराय के जीवन चरित्र, उनके प्रशासन, युद्धनीति और राष्ट्र निर्माण के विचारों की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।
संगठन के पदाधिकारी व सोनबिहरी के युवाओं ने अधिक से अधिक युवक-युवतियों से इस ऐतिहासिक व प्रेरणादायी यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया है। इस सहल में रायगढ़ किला, जेजुरी किला, शिवशृष्टि, जगदीश्वर मंदिर, शिव समाधि आदि स्थानों के दर्शन होंगे।