File Pic 
पुणे

पुणे श्रम आयुक्त ने अमेजन को क्यों भेजा नोटिस, यहां पढ़ें पूरी जानकारी

प्रभाकर दुबे

पुणे:  श्रम आयुक्त कार्यालय, पुणे (Pune Labor Commissioner) ने अवैध स्वैच्छिक पृथक्करण नीति और छंटनी के कार्यान्वयन के संबंध में ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) को एक नोटिस भेजा है। नोटिस में श्रम विभाग ने अमेजन प्रबंधन को 17 जनवरी को उपस्थित रहने को कहा है। आईटी कर्मचारियों के एक संगठन, नैसेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (NITES),  जिसने शिकायत दर्ज की है, के अनुसार, हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका अब पर प्रभाव पड़ा है। 

 नैसेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार, नियोक्ता उचित सरकारी पूर्व अनुमति के बिना, प्रतिष्ठान के मस्टर रोल पर मौजूद कर्मचारी को छंटनी नहीं कर सकता है। 

श्रम कानून के उल्लंघन का आरोप 

उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना उचित है कि एक कर्मचारी जिसने कम से कम एक वर्ष की निरंतर सेवा दी है, उसे तब तक नहीं हटाया जा सकता जब तक कि उसे तीन महीने पहले नोटिस नहीं दिया जाता है और उपयुक्त सरकार से पूर्व अनुमति नहीं मिलती है। उक्त आवेदन नियोक्ता द्वारा इस तरह की छंटनी के कारणों के साथ प्रस्तुत किया जाना है। उन्होंने कहा कि अमेजन ने भारतीय श्रम कानूनों के मौजूदा प्रावधानों का उल्लंघन किया है। लागू की गई स्वैच्छिक अलगाव नीति को कभी भी समीक्षा के लिए श्रम मंत्रालय को प्रस्तुत नहीं किया गया, जो मौजूदा श्रम कानूनों का उल्लंघन है।

17 जनवरी को किया तलब

शिकायत के आधार पर सहायक श्रम आयुक्त जीएस शिंदे ने अमेजन प्रबंधक को 17 जनवरी को दोपहर तीन बजे उनके सामने पेश होने को कहा है।

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया की नो एंट्री! फोटो-वीडियो पर भी लगा बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

आचार्य प्रमोद कृष्णम का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- राहुल गांधी पाकिस्तान के राष्ट्रपति जैसे

Tamil Nadu NEET Protest: विधानसभा के नए प्रस्ताव के बावजूद चेन्नई में NEET के खिलाफ प्रदर्शन जारी

JPSC-JSSC पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का फूटा गुस्सा, हेमंत सोरेन के साथ राहुल-तेजस्वी का भी फूंका पुतला