Pimpri Chinchwad Water Crisis Andra Dam Storage: पवना और आंद्रा बांधों में लगातार घटते जलस्तर तथा मानसून के आगमन में देरी के कारण पिंपरी-चिंचवड़ शहर में जल संकट गहराने लगा है। स्थिति को देखते हुए पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (पीसीएमसी) ने 28 जून से पूरे शहर में नया समयबद्ध जलापूर्ति शेड्यूल लागू करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य उपलब्ध पानी का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना और सभी क्षेत्रों तक समान रूप से जलापूर्ति बनाए रखना है।
महानगरपालिका के नए नियोजन के अनुसार शहर के विभिन्न इलाकों में उनकी भौगोलिक स्थिति, आबादी और पाइपलाइन क्षमता को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन न्यूनतम एक घंटे और अधिकतम तीन घंटे तक ही पानी की आपूर्ति की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से सीमित जल भंडार का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।
मनपा के सह शहर अभियंता अजय सूर्यवंशी ने बताया कि फिलहाल शहर में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है। हालांकि मानसून में देरी और सिंचाई विभाग द्वारा जल आपूर्ति में 15 प्रतिशत की कटौती किए जाने से उपलब्ध जल भंडार पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इसी कारण जल वितरण प्रणाली में बदलाव करना आवश्यक हो गया।
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पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने नागरिकों से पानी का अत्यंत जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग अपने क्षेत्र के नए जलापूर्ति समय की जानकारी लेकर आवश्यकतानुसार पानी का सुरक्षित भंडारण करें और अनावश्यक जल बर्बादी से बचें। साथ ही, पानी के पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को भी प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
महानगरपालिका ने बड़ी हाउसिंग सोसायटियों, वाणिज्यिक परिसरों और संस्थानों से वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) प्रणाली को प्रभावी ढंग से अपनाने का आग्रह किया है। प्रशासन का मानना है कि वर्षा जल का संग्रह और पुन: उपयोग भविष्य में जल संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मनपा ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सामूहिक प्रयासों से ही शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जा सकता है।