पिपरी-चिंचवड मनपा (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

Pune News: पिंपरी-चिंचवड़ में नई प्रभाग रचना पर घमासान, Ajit Pawar गुट की आपत्तियाँ खारिज

Pimpri Chinchwad Municipal Corporation Election का आगाज हो चुका है। इसके लिए शनिवार को प्रभाग रचना का भी ऐलान हो चुका है। जिससे अब चुनावी प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद की जा रही है।

अपूर्वा नायक

Pimpri Chinchwad News: आगामी पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका चुनावों के लिए अंतिम प्रभाग रचना शनिवार को घोषित कर दी गई। पिछले कुछ हफ्तों से जारी राजनीतिक खींचतान, आपत्तियों और सुझावों के बाद अब चुनाव प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

अंतिम रचना में नागरिकों की कुछ शिकायतों पर विचार किया गया है, लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) की आपत्तियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। अब उम्मीदवारों की नजरें सिर्फ आरक्षण की लॉटरी पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि कौन किस सीट से चुनाव मैदान में उतर पाएगा। आरोप लग रहे हैं कि प्रभाग रचनाओं में जो बदलाव किए गए हैं, वो भाजपा के पक्ष में अनुकूल साबित होंगे।

32 प्रभाग, 128 नगरसेवकों की प्रणाली बरकरार

प्रशासन ने इस बार भी 2017 के 32 प्रभागों और 128 नगरसेवकों की प्रणाली को बरकरार रखा है। चार सदस्यीय प्रणाली के तहत तैयार प्रारूप में कुल 318 आपत्तियां व सुझाव प्राप्त हुए थे। इनमें से गिने-चुने मामलों पर ही विचार कर बदलाव किए गए हैं, राज्य के सहकार एवं पणन विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे ने 10 सितंबर को इन पर सुनवाई की थी। इसके बाद अंतिम रिपोर्ट मनपा आयुक्त शेखर सिंह ने नगर विकास विभाग को सौंपी, जिसकी मंजूरी के बाद राज्य चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को अंतिम प्रभाग रचना को अधिकृत रूप से प्रकाशित किया।

आरोपों की बौछार तेज, भाजपा के लिए अनुकूल बदलाव ?

इस बार की अंतिम रचना में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव साफ झलकता है, कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रचना भाजपा के लिए अनुकूल और विपक्ष खासकर राष्ट्रवादी कांग्रेस अजीत पवार गुट) के लिए नुकसानदायक हो सकती है। चिखली प्रभाग 1) और तलवडे प्रभाग 12) जैसे क्षेत्रों में किए गए बदलावों से भाजपा को राजनीतिक बढ़त मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन बदलायों से न केवल भूगोल, बल्कि आरक्षण समीकरणों पर भी प्रभाव पड़ेगा, जिससे कई संभावित उम्मीदवारों की रणनीति प्रभावित हो सकती है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस को लगा झटका, भाजपा को फायदा

चिखली (प्रभाग 1) और तलवडे (प्रभाग 12) जैसे इलाकों में जहां अब तक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का दबदबा था, वहां की प्रभाग सीमाओं में बदलाव कर भाजपा को मजबूत किया गया है। इस कदम को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के प्रभाव को कम करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अब आरक्षण सूची की प्रतीक्षा है। जो इस चुनावी समर में किसकी किस्मत चमकेगी, इसका अगला पड़ाव तय करेगी।

सांसद का 'पुत्र प्रेम' बना बदलाव की वजह ?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि घेरगांव (प्रभाग 24) में किए गए बदलाव शिवसेना सांसद श्रीरंग बारणे के पुत्र विश्वजीत बारणे को लाभ पहुंचाने के लिए किए गए हैं। विश्वजीत इसी प्रभाग से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। म्हातोबा नगर और प्रथम सोसायटी को प्रभाग 24 से हटाकर वाकड (प्रभाग 25) में शामिल किया गया है। इससे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट की स्थिति भी बदल सकती है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से शिवसेना (उद्धव गुट) के पूर्व नगरसेवक सचिन भोसले और राष्ट्रवादी कांग्रेस के राहुल कलाटे को नुकसान हो सकता है।

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