ट्रेन (फोटो सोर्स- फाइल फोटो) 
पुणे

Daund - Pune Rail Crisis: सुप्रिया सुले ने जताई गंभीर चिंता, रेल मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

Railway Reality Check: डेमू ट्रेनों की देरी और तकनीकी खराबियों से हजारों यात्री परेशान हैं। जिसका असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। सुप्रिया सुले ने कार्रवाई की मांग की है।

आलोक उमाकृष्ण

Train Delays Spark Outrage: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने दौंड, पुणे और बारामती के बीच यात्रा करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों की समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार और रेल प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने इस मार्ग पर चलने वाली पुणे-दौंड-बारामती डेमू ट्रेन की खस्ताहाल स्थिति और अनियमितता को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

दैनिक यात्रियों का बढ़ता मानसिक तनाव

सुप्रिया सुले ने अपने बयान में उल्लेख किया कि दौंड से पुणे के बीच हर दिन बड़ी संख्या में लोग नौकरी, व्यवसाय और शिक्षा के उद्देश्य से यात्रा करते हैं। इन यात्रियों की सुविधा के लिए ही डेमू सेवा शुरू की गई थी, लेकिन वर्तमान में यह ट्रेन सुविधा के बजाय 'प्रचंड मानसिक संताप' और असुविधा का मुख्य स्रोत बन गई है। सुले के अनुसार, यह ट्रेन रेल प्रबंधन की मर्जी पर निर्भर है और शायद ही कभी अपने निर्धारित समय पर चलती है।

तकनीकी विफलता और सुरक्षा पर सवाल

सांसद ने ट्रेन की सुरक्षा और रखरखाव पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि यदि ट्रेन कभी समय पर चल भी जाए, तो इसकी कोई गारंटी नहीं होती कि वह गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचेगी या नहीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कभी ट्रेन की लाइनों से धुआं निकलने लगता है तो कभी ब्रेक फेल होने जैसी तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, जो यात्रियों की जान जोखिम में डालती हैं।

व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन पर प्रभाव

इस अव्यवस्था का सबसे बुरा असर उन नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों पर पड़ रहा है जो अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से रेल सेवा पर निर्भर हैं। सुप्रिया सुले ने कहा कि ट्रेन की लगातार देरी और तकनीकी खराबी के कारण लोग न तो समय पर अपने कार्यालय पहुँच पाते हैं और न ही घर। इसका उनके व्यावसायिक प्रदर्शन और व्यक्तिगत जीवन पर अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे आम जनता में गहरा रोष है।

प्रशासनिक उदासीनता और रेल मंत्री से अपील

सुप्रिया सुले ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने और उनकी टीम ने विभिन्न माध्यमों से रेल विभाग के साथ इस मुद्दे पर बार-बार अनुवर्ती कार्रवाई की है। इसके बावजूद, रेल प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।

अंत में, उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।, उन्होंने मांग की है कि रेल मंत्री प्रशासन को आवश्यक निर्देश दें ताकि यात्रियों को होने वाली असुविधा को दूर किया जा सके और उन्हें एक विश्वसनीय तथा सुरक्षित रेल सेवा मिल सके।

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