गणेशोत्सव के पावन अवसर पर पुणे शहर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच आम जनता और बप्पा के भक्तों ने सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से बचने के लिए मेट्रो का सहारा लिया है। गणेश चतुर्थी के पहले दिन (14 सितंबर 2026) पुणे मेट्रो में कुल 2,62,671 यात्रियों ने सफर किया। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मेट्रो सवारियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है, जो दर्शाती है कि त्योहार के दौरान सार्वजनिक परिवहन पर नागरिकों का विश्वास तेजी से बढ़ा है।
प्रसिद्ध गणपति मंडलों और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुँचने के लिए यात्रियों ने मुख्य रूप से महात्मा फुले मंडई और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशनों का उपयोग किया। महात्मा फुले मंडई स्टेशन पर दिनभर में 51,533 यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई, जो पिछले साल के 42,334 के मुकाबले 21.73% अधिक है। वहीं, प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन 'डिस्ट्रिक्ट कोर्ट' पर 58,948 यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले वर्ष (48,359) की तुलना में 21.89% अधिक है।
गणेश दर्शन, सजावट और शहर के विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने के लिए रात के समय बड़ी संख्या में लोग निकलते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से मेट्रो प्रशासन ने उत्सव के दिनों में देर रात तक ट्रेन सेवाएं संचालित करने का फैसला किया है।
व्यस्त स्टेशनों पर अत्यधिक भीड़ और भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए मेट्रो प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य गणपति मंडलों के दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों को कसबा पेठ, स्वारगेट, पीएमसी (PMC), डेक्कन जिमखाना और छत्रपति संभाजी महाराज उद्यान स्टेशनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं, भीड़भाड़ को देखते हुए 'महात्मा फुले मंडई स्टेशन' का उपयोग मुख्य रूप से वापसी की यात्रा के लिए करने का अनुरोध किया गया है।