Pune Zilla Parishad (फोटो क्रेडिट-X)  
पुणे

पुणे जिला परिषद में 'सत्ता का खेल': समितियों का होगा बंटवारा; नवनिर्वाचित अध्यक्ष जगदाले की पहली अग्नि परीक्षा

Pune Zilla Parishad: 16 अप्रैल को विशेष बैठक में 83 सदस्यों और समितियों का होगा चयन। पुणे जिला परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विर्धवाल जगदाले की कमान में पहली बार बटेगा कार्यभार। 

अनिल सिंह

Pune Zilla Parishad Committee Allocation 2026: पुणे जिला परिषद में नवनिर्वाचित अध्यक्ष विर्धवाल जगदाले के पदभार संभालने के बाद अब 'सत्ता का खेल' समितियों के आवंटन पर आकर टिक गया है। जिला परिषद की महत्वपूर्ण विषय समितियों का कार्यभार सौंपने और कुल 83 सदस्यों का चुनाव करने के लिए गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को एक विशेष आम बैठक बुलाई गई है। अध्यक्ष के रूप में जगदाले की यह पहली विशेष बैठक होगी, जिस पर जिले के राजनीतिक गलियारों की निगाहें टिकी हैं।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन तीन पदाधिकारियों को समितियों का प्रभार देना है, जिनके पास वर्तमान में कोई विभाग नहीं है। कुल छह प्रमुख समितियाँ आवंटित की जानी हैं, जिनमें वित्त एवं शिक्षा, निर्माण एवं स्वास्थ्य, और कृषि एवं पशुपालन जैसी महत्वपूर्ण समितियाँ शामिल हैं।

समितियों का ढांचा और अध्यक्ष की भूमिका

पुणे जिला परिषद में कुल दस विषय समितियाँ हैं। नियमानुसार, जिला परिषद अध्यक्ष स्वयं स्थायी समिति और जल प्रबंधन एवं स्वच्छता समिति के प्रमुख होते हैं। शेष आठ समितियों का बंटवारा उपाध्यक्ष और अन्य तीन सभापतियों के बीच किया जाता है।

उपाध्यक्ष: वित्त, योजना और शिक्षा समितियों की कमान संभालते हैं।

निर्माण सभापति: निर्माण और स्वास्थ्य विभागों के प्रमुख होते हैं।

कृषि सभापति: कृषि और पशुपालन समितियों का कार्यभार देखते हैं।

महिला व समाज कल्याण: इन दो समितियों के लिए स्वतंत्र अध्यक्ष नियुक्त किए जाते हैं।

नामांकन और चयन की प्रक्रिया

विषय समितियों के सदस्य बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए समय-सारणी तय कर दी गई है। नामांकन पत्र 16 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद, दोपहर 3 बजे से विशेष आम बैठक की कार्यवाही शुरू होगी, जिसमें सदस्यों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

नए नेतृत्व के लिए पहली बड़ी चुनौती

इससे पहले की बैठकें जिला कलेक्टर जितेंद्र दुड़ी और प्रांतीय अधिकारी यशवंत माने की देखरेख में हुई थीं, लेकिन अब विर्धवाल जगदाले को अपनी राजनीतिक कुशलता दिखाते हुए सर्वसम्मति से सदस्यों का चुनाव संपन्न कराना होगा। पुणे जिला परिषद में सत्ता के संतुलन को बनाए रखने के लिए यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि विकास कार्यों के लिए मिलने वाले फंड का नियंत्रण इन्हीं समितियों के हाथ में होता है।

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