आदित्य ठाकरे (फाइल फोटो) 
पुणे

हल्की बारिश में Pune हुआ जलमग्न, आदित्य ठाकरे ने ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार को घेरा

Pune में सामान्य बारिश के बाद जलभराव पर आदित्य ठाकरे ने सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि खराब शहरी नियोजन और प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया।

अपूर्वा नायक

Pune Waterlogging Aditya Thackeray Attack: पुणे में हाल ही में हुई सामान्य बारिश के बाद शहर में कई जगहों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जिसके बाद सियासत गरमा गई है। आदित्य ठाकरे ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकरे ने कहा कि यह स्थिति किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं है, बल्कि प्रशासनिक विफलता और गलत शहरी नियोजन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब बारिश क्लाउडबर्स्ट जैसी नहीं थी, तब भी शहर का डूबना चिंताजनक है।

Pune में कंक्रीट विकास पर उठाए सवाल

आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि शहर में विकास के नाम पर केवल कंक्रीट का जाल बिछाया गया है, जिससे प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस कारण हल्की बारिश में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है।

पर्यावरणीय चेतावनियों की अनदेखी

उन्होंने रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, नदी किनारे बढ़ते अतिक्रमण और वेताल टेकड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठाए। ठाकरे के अनुसार, पर्यावरण विशेषज्ञों की चेतावनियों को नजरअंदाज कर मेट्रो पिलर और फ्लड लाइन में बदलाव किए गए, जो भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं।

‘ट्रिपल इंजन’ सरकार पर निशाना

ठाकरे ने ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कंक्रीट निर्माण को विकास नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2021 में पर्यावरण मंत्री रहते हुए उन्होंने इन परियोजनाओं को जनहित में पुनर्गठित करने के निर्देश दिए थे।

भविष्य को लेकर चेतावनी

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह विकास कार्य जारी रहे, तो पुणे को भविष्य में गंभीर बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

समाधान पर जोर

ठाकरे ने सुझाव दिया कि शहर के विकास में पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके।

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