पुणे में OTP आधारित टैंकर प्रणाली छह महीने बाद भी अधूरी।
फर्जी फेरियों और पानी की हेराफेरी रोकना है उद्देश्य।
सजग नागरिक मंच ने पूरे शहर में लागू करने की मांग की।
Pune Water Supply Update: पानी के टैंकरों की फर्जी फेरियों और पानी की हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए घोषित ओटीपी आधारित टैंकर प्रबंधन प्रणाली छह महीने बाद भी पूरे शहर में लागू नहीं हो सकी है।
सूस और म्हालुंगे को छोड़कर अन्य इलाकों में यह व्यवस्था शुरू नहीं होने से पुणे महानगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सजग नागरिक मंच ने मनपा आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूरे शहर में इस प्रणाली को तत्काल लागू करने की मांग की है।
पुणे मनपा ने पानी के वितरण में पारदर्शिता लाने और टैंकरों की आवाजाही पर निगरानी रखने के उद्देश्य से ओटीपी आधारित व्यवस्था लागू करने की घोषणा की थी।
इसके तहत पाषाण, बाणेर, म्हालुंगे और बालेवाड़ी समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रणाली का विस्तार किया जाना था। हालांकि, छह महीने बीतने के बाद भी यह योजना सीमित इलाकों तक ही सिमटी हुई है।
प्रस्तावित प्रणाली के अनुसार, पुणे शहर में पानी टैंकर से निर्धारित स्थान पर पानी पहुंचने के बाद संबंधित नागरिक या सोसायटी को एसएमएस के जरिए ओटीपी भेजा जाएगा। पानी खाली करने से पहले इस ओटीपी को सिस्टम में दर्ज करना अनिवार्य होगा। ओटीपी दर्ज होने के बाद ही टैंकर की फेरी पूरी मानी जाएगी।
इस व्यवस्था से कागजों पर फर्जी फेरियां दर्ज करने और पानी की आपूर्ति में होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, टैंकरों की वास्तविक आवाजाही और पानी की आपूर्ति का रिकॉर्ड रखने में भी आसानी होगी।
सजग नागरिक मंच के विवेक वेलणकर ने आशंका जताई है कि पानी की कटौती के कारण आने वाले समय में टैंकरों की मांग बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में नागरिकों से मनमाना शुल्क वसूलने और पानी वितरण में अनियमितताओं की आशंका को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था जरूरी है।
मंच ने पुणे मनपा प्रशासन से मांग की है कि ओटीपी आधारित प्रणाली को केवल कुछ इलाकों तक सीमित रखने के बजाय पूरे शहर में लागू किया जाए। इससे टैंकरों की फेरियों पर निगरानी बढ़ाने, पानी की आपूर्ति में पारदर्शिता लाने और नागरिकों की शिकायतों को कम करने में मदद मिल सकती है।