कौस्तुभ मुरलीधर गावडे (फोटो नवभारत)
पुणे

पुणे शिक्षक सीट से बीजेपी ने कौस्तुभ गावडे को बनाया उम्मीदवार, कांग्रेस के जयंत आसगावकर से मुकाबले की तैयारी

Pune Teacher Constituency Election: पुणे विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी ने श्री स्वामी विवेकानंद शिक्षण संस्था के CEO कौस्तुभ गावडे को उम्मीदवार बनाया है। TDF ने भी उन्हें समर्थन दिया है।

आलोक उमाकृष्ण

Teacher Constituency BJP Kaustubh Gawade: विधान परिषद के पुणे विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने श्री स्वामी विवेकानंद शिक्षण संस्था, कोल्हापुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कौस्तुभ मुरलीधर गावडे को उम्मीदवार घोषित किया है।

महाराष्ट्र शिक्षक लोकतांत्रिक आघाड़ी (टीडीएफ) ने भी गावडे को अपना समर्थित उम्मीदवार घोषित किया है। गावडे ने एम.कॉम और एमबीए की पढ़ाई की है। वे फिलहाल कोल्हापुर स्थित श्री स्वामी विवेकानंद शिक्षण संस्था में CEO के पद पर कार्यरत हैं।

वे शिक्षण महर्षि डॉ. बापूजी सालुंखे के पौत्र हैं। संस्था में काम के दौरान शिक्षकों, प्राध्यापकों और शैक्षणिक प्रशासन से जुड़े लोगों के साथ उनका संपर्क रहा है। टीडीएफ की स्थापना 1965 में तत्कालीन विधायक तात्यासाहेब सुले ने की थी।

TDF और स्वामी वि. संस्था का पुराना चुनावी तालमेल

महाराष्ट्र शिक्षक लोकतांत्रिक आघाड़ी (TDF) का पुणे विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में स्वामी विवेकानंद शिक्षण संस्था के साथ पहले भी चुनावी तालमेल रहा है। संगठन ने पूर्व में संस्था के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है और शिक्षक मतदाताओं के बीच अपना समर्थन मजबूत करने का प्रयास किया है।

TDF के अनुसार, उसके समर्थन से इस निर्वाचन क्षेत्र में अब तक तीन कार्यकाल के लिए विधायक चुने जा चुके हैं। संगठन का दावा है कि शिक्षा और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर उसकी सक्रिय भूमिका ने चुनावी स्तर पर भी प्रभाव बनाया है। अब कौस्तुभ गावडे को समर्थन देने के साथ TDF एक बार फिर इस क्षेत्र में अपनी भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

कौस्तुभ मुरलीधर गावडे का क्या है कहना?

गावडे के अनुसार, शिक्षक मतदाता पंजीकरण के लिए चलाए गए अभियान में 40 हजार से अधिक मतदाताओं का पंजीकरण हुआ है। हालांकि, यह आंकड़ा उनके द्वारा किया गया दावा है।

उम्मीदवारी घोषित होने के बाद गावडे ने कहा कि शिक्षक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में उठाना उनकी प्राथमिकता होगी।

अब चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस पार्टी के मौजूदा विधायक जयंत आसगावकर से होने की संभावना है। आसगावकर 2020 में इस सीट से निर्वाचित हुए थे और कांग्रेस ने इस बार भी उन्हें उम्मीदवार बनाया है।

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