पुणे जिले के 5 गांवों और 53 बस्तियों में 8 टैंकरों से करीब 18,650 लोगों को पानी मिल रहा है।
33 जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत, 611 बोरवेल की मरम्मत और 294 नई बोरवेल को मंजूरी दी गई है।
अक्टूबर 2026 से जून 2027 तक संभावित जलकिल्लत से निपटने के लिए प्रशासन ने नियोजन शुरू किया है।
Pune Rural Water Planning: पुणे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत दूर करने के लिए जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की ओर से विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं।
वर्तमान में जिले के 5 गांवों और 53 बस्तियों में 8 टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे करीब 18,650 नागरिकों को लाभ मिल रहा है। बारामती, दौंड और इंदापुर तहसीलों में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। जिले में अब तक औसतन 819 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो औसत वर्षा का करीब 95 प्रतिशत है।
इसके बावजूद कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी हुई है। प्रशासन की ओर से स्थिति की समीक्षा कर जरूरत के अनुसार टैंकर मंजूर किए जा रहे हैं। पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए निजी कुओं और बोरवेल का अधिग्रहण भी किया जा रहा है।
ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत और रखरखाव के लिए 33 नल जलापूर्ति योजनाओं के विशेष मरम्मत कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इसके अलावा जलस्रोतों को मजबूत करने के 10 कार्यों तथा कुओं को गहरा करने और गाद निकालने के 21 कार्यों को भी मंजूरी मिली है।
इन कार्यों के लिए करीब 5.36 करोड़ रुपये का निधि स्वीकृत किया गया है। मोरगांव, प्रादेशिक बेले और प्रादेशिक शिवरी जलापूर्ति योजनाओं के कार्य पूरे हो चुके हैं।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति योजनाओं को बेहतर करने के लिए 611 बोरवेल की मरम्मत को मंजूरी दी गई है। इन कार्यों के लिए करीब 2.56 करोड़ रुपये का निधि स्वीकृत किया गया है।
इसके अलावा पानी की किल्लत को देखते हुए 294 नई बोरवेल योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। इनके लिए करीब 2.49 करोड़ रुपये का निधि मंजूर किया गया है। विभाग के अनुसार, इन सभी बोरवेल की खुदाई पूरी हो चुकी है।
पुणे जिला प्रशासन ने अक्टूबर 2026 से जून 2027 तक संभावित पानी की किल्लत को ध्यान में रखते हुए नियोजन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, जरूरत के आधार पर जलापूर्ति संबंधी उपाय लागू किए जाएंगे।
- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट