pune RTO drive ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
पुणे

पुणे आरटीओ का जीरो टॉलरेंस, नियम तोड़े तो लाइसेंस रद्द, रिक्शा चालकों पर कड़ा शिकंजा; अब नहीं चलेगी मनमानी

Pune RTO Drive: पुणे आरटीओ ने अनुशासनहीन रिक्शा चालकों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू की है। नियम तोड़ने पर लाइसेंस निलंबन और गंभीर मामलों में स्थायी रद्द करने की चेतावनी दी गई है।

अंकिता पटेल

Pune Auto Rickshaw Rules: पुणे शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अनुशासित करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उप प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है।

परिवहन विभाग के निर्देशों का बार-बार उल्लंघन करने वाले और अनुशासनहीन रिक्शा चालकों के खिलाफ आरटीओ ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लगातार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस अब न केवल निलंबित किया जाएगा, बल्कि गंभीर मामलों में उसे स्थायी रूप से रद्द करने का कड़ा निर्णय भी लिया गया है।

आरटीओ के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 के अंत तक पुणे शहर में लगभग 1 लाख 29 हजार रिक्शा चालक पंजीकृत हैं। इन सभी चालकों के लिए सेवा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

लेकिन सड़क पर उतरते ही कई चालक इन नियमों को ताक पर रख देते हैं। महाराष्ट्र मोटर वाहन अधिनियम के कड़े प्रावधानों के अनुसार, सार्वजनिक सेवा प्रदान करते समय रिक्शा चालकों के लिए खाकी या सफेद रंग की निर्धारित वर्दी पहनना और पहचान संख्या वाला बिल्ला (बैज) लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

आरटीओ प्रशासन का कहना है कि वर्दी और स्पष्ट पहचान से यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा होता है। इससे चालक की वैधता की पहचान भी तत्काल हो जाती है।

विवाद और उल्लंघन पर 3.61 लाख रुपये का दंड: पुणे आरटीओ को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई रिक्शा चालक न केवल बिना वर्दी के वाहन चला रहे हैं, बल्कि यात्रियों के साथ किराए को लेकर अभद्र व्यवहार और विवाद भी करते हैं।

इस पर अंकुश लगाने के लिए आरटीओ के जांच अधिकारियों ने विशेष अभियान चलाया, अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक 517 लापरवाह रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रति चालक 700 रुपये का जुर्माना लगाते हुए 3,61,900 रुपये का दंड वसूला गया।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

11 परिवहन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यह अभियान और तेज किया जाएगा। यदि कोई रिक्शा चालक बिना वर्दी, बिना बिल्ला या बिना वैध दस्तावेजों के पाया जाता है, तो केवल जुर्माना भरकर वह छूट नहीं पाएगा।

अब सीधे उनके लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू है कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों की शिकायत आधिकारिक हेल्पलाइन या ऐप पर दर्ज करें। इस सख्त कदम से पुणे की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

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