सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो) 
पुणे

पुणे जहरीली शराब कांड की जांच CID के हवाले, पुणे पुलिस कमिश्नर ने की पुष्टि, क्या बेनकाब होगा बड़ा सिंडिकेट?

Pune Alcohol Tragedy Update: पुणे में 13 लोगों की जान लेने वाले जहरीली शराब कांड की जांच अब CID करेगी। दापोडी और हडपसर पुलिस स्टेशनों में दर्ज दो FIR के आधार पर सघन जांच शुरू। जानें मुख्य अपडेट।

गोरक्ष पोफली

Pune Poisonous Liquor Case CID Investigation: पुणे और पिंपरी-चिंचवड को हिलाकर रख देने वाले जहरीली शराब कांड में न्याय की उम्मीदें अब और बढ़ गई हैं। स्रोतों के अनुसार, इस हृदयविदारक घटना की जांच, जिसमें अब तक 13 निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है, अब आधिकारिक तौर पर राज्य अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दी गई है। पुणे पुलिस आयुक्त ने इस बात की पुष्टि की है कि मामले की संवेदनशीलता और इसके व्यापक असर को देखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

दो अलग-अलग FIR और सघन जांच की शुरुआत

इस मामले के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ जाल बिछाया है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक दो FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से एक FIR दापोडी पुलिस स्टेशन में और दूसरी हडपसर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। अब CID इन दोनों थानों से संबंधित मामलों की फाइलों को अपने कब्जे में लेकर जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाएगी।

CID जांच के मुख्य बिंदु और चुनौतियां

स्थानीय पुलिस के बाद अब CID की विशेषज्ञ टीम इस बात की गहराई से पड़ताल करेगी कि यह जहरीला पदार्थ (कथित तौर पर मिथेनॉल) किस सप्लाई चेन के जरिए इन इलाकों तक पहुंचा। जांच का एक मुख्य एंगल यह भी होगा कि क्या इस अवैध धंधे को किसी बड़े सिंडिकेट या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। चूंकि इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लिया जा चुका है, इसलिए CID अब उनसे कड़ाई से पूछताछ करेगी ताकि इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।

राजनीतिक और सामाजिक दबाव

इस मामले में हो रही देरी और जांच की गति को लेकर समाज और राजनीतिक हलकों में भी भारी रोष देखा गया है। रोहित पवार मृतकों के परिवार से मिलकर आए व उन्होंने मृतकों के आंकड़े छुपाने का भी आरोप सरकार पर लगाया है। CID पर आज ही दुसरे मामले में उनका आरोप था कि जांच एजेंसियां समन्वय की कमी के कारण मामले को लटका रही हैं। अब आधिकारिक तौर पर जांच CID को सौंपे जाने के बाद, CID पर इस मामले को जल्द से जल्द तार्किक अंजाम तक पहुंचाने का भारी दबाव होगा।

पुणे की इस मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए हैं। 13 लोगों की मृत्यु के बाद अब CID के पास यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वे न केवल दोषियों को कड़ी सजा दिलाएं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता साक्ष्य भी अदालत के सामने पेश करें। फिलहाल, प्रभावित इलाकों में पुलिस बल तैनात है और नागरिक प्रशासन मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर अगली कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है।

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