BMC Pet Animal Cremation (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

Pune में इलेक्ट्रिक शवदाह को बढ़ावा, प्रदूषण कम करने के लिए पुणे मनपा की पहल

Pune Municipal Corporation ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक और गैस शवदाह पद्धति अपनाने की अपील की है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।

अपूर्वा नायक

Pune PMC Electric Cremation Drive: पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रशासन ने पर्यावरण अनुकूल अंतिम संस्कार पद्धतियों को बढ़ावा देना शुरू किया है।

पीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे पारंपरिक लकड़ी आधारित अंतिम संस्कार के बजाय इलेक्ट्रिक और गैस शवदाह प्रणाली को अपनाएं। पारंपरिक पद्धति में एक शव के अंतिम संस्कार के लिए 300 से 350 किलो लकड़ी की जरूरत होती है, जिससे पेड़ों की कटाई बढ़ती है और वातावरण में धुआं फैलता है।

Pune में प्रदूषण में होगी कमी

लकड़ी जलाने से निकलने वाले धुएं में हानिकारक सूक्ष्म कण (पार्टिकुलेट मैटर) होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। इसके विपरीत इलेक्ट्रिक और गैस शवदाह प्रणाली में कार्बन उत्सर्जन बेहद कम होता है और यह प्रक्रिया केवल 2 से 3 घंटे में पूरी हो जाती है।

निःशुल्क उपलब्ध हैं सुविधाएं

सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश दिघे के अनुसार, शहर के विभिन्न श्मशान घाटों में इलेक्ट्रिक और गैस शवदाह की सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस विकल्प को अपनाएं।

बढ़ रहा आधुनिक पद्धति का उपयोग

वर्तमान में पुणे में लगभग 51 प्रतिशत अंतिम संस्कार इलेक्ट्रिक और गैस पद्धति से किए जा रहे हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि नागरिक धीरे-धीरे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को स्वीकार कर रहे हैं।

नागरिकों के लिए नई सुविधा

प्रशासन ने श्मशान घाटों की सूची और उनके पते के साथ क्यूआर कोड भी जारी किए हैं, जिससे लोगों को नजदीकी सुविधा आसानी से मिल सके।

जागरूकता पर जोर

Pune Air Action Hub की सदस्य शर्मिला देव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खुले में लकड़ी जलाने से होने वाला प्रदूषण गंभीर स्वास्थ्य खतरा है और इसे कम करने के लिए जन-जागरूकता बेहद जरूरी है।

स्वच्छ शहर की दिशा में कदम

पीएमसी के विभिन्न विभाग इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। यह पहल पुणे को एक स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जागरूक शहर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

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